गाजियाबाद प्रशासन ने डासना में लगभग 260 करोड़ रुपये मूल्य की 250 बीघा सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कर प्रशासनिक कब्जा प्राप्त कर लिया है। मौके पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और निर्माण व खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में भूमाफियाओं और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत गाजियाबाद प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के नेतृत्व में प्रशासन ने ग्राम डासना स्थित लगभग 250 बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा प्राप्त कर लिया है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 260 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध कब्जाधारकों और भूमाफियाओं में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।
प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड के अनुसार ग्राम डासना, परगना डासना, तहसील सदर, जनपद गाजियाबाद में स्थित खसरा संख्या-33 की भूमि राजस्व अभिलेखों में वर्ष 1359 फसली से सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। इस भूमि का कुल क्षेत्रफल लगभग 20 हेक्टेयर है, जो स्थानीय माप के अनुसार लगभग 250 बीघा के बराबर है।

हालांकि इस भूमि से संबंधित मामला उपजिलाधिकारी न्यायालय में धारा-145 के अंतर्गत विचाराधीन है, लेकिन सरकारी अभिलेखों में भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के चलते प्रशासन ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए मौके पर पहुंचकर कब्जा प्राप्त किया।
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
भूमि पर कब्जा प्राप्त करने के लिए राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पहले पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और उसके बाद विधिक प्रक्रिया के तहत भूमि पर प्रशासनिक कब्जा स्थापित किया।
कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने पूरी कार्रवाई को पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया और मौके पर मौजूद लोगों को भूमि की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया।
लगाए गए चेतावनी बोर्ड
प्रशासन ने कब्जा प्राप्त करने के बाद भूमि पर स्पष्ट सूचना पट्ट स्थापित किए हैं। इन बोर्डों में लिखा गया है कि यह भूमि सरकारी संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, अवैध कब्जा, प्लॉटिंग अथवा खरीद-फरोख्त पूरी तरह प्रतिबंधित है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति इस भूमि पर कब्जा करने, निर्माण कराने या खरीद-बिक्री का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अरुण दीक्षित ने पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में सार्वजनिक मुनादी भी कराई।
मुनादी के माध्यम से लोगों को बताया गया कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज सरकारी संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, निर्माण कार्य या खरीद-फरोख्त कानूनन अपराध माना जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के लालच या भ्रम में आकर ऐसी भूमि के लेन-देन में शामिल न हों।
260 करोड़ की बताई जा रही है कीमत
प्रशासन के अनुसार उपलब्ध अभिलेखों और वर्तमान बाजार दरों के आधार पर भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 260 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी सरकारी संपत्ति पर कब्जा प्राप्त करना प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तेजी से बढ़ती जमीन की कीमतों को देखते हुए इस भूमि का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में सरकारी भूमि की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।

जिलाधिकारी का सख्त संदेश
कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट कहा कि गाजियाबाद में सरकारी भूमि को भूमाफियाओं और अवैध कब्जाधारकों से मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। पहले से किए गए कब्जों को भी चिन्हित किया जा रहा है और उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत हटाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करें और न ही ऐसी भूमि की खरीद-बिक्री में शामिल हों।

यदि किसी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे या अवैध निर्माण की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गाजियाबाद प्रशासन का कहना है कि जिले में सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने और भूमाफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर रहा है जहां सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं।
डासना में 260 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर कब्जा प्राप्त करने की यह कार्रवाई न केवल भूमाफियाओं के खिलाफ एक बड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर प्रशासन किसी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।
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