असम के बरपेटा में चुनावी रैली के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए हार का शतक लगाने का दावा किया और NDA की जीत की हैट्रिक का भरोसा जताया।
असम में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बरपेटा में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने दावा किया कि इस बार कांग्रेस की हार का “शतक” लगेगा, जबकि भाजपा और एनडीए गठबंधन राज्य में जीत की “हैट्रिक” बनाएगा।
प्रधानमंत्री के इस बयान ने असम की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और चुनावी मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
“दो बड़े फैसले लेने जा रही है असम की जनता”
रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि असम की जनता इस बार दो बड़े फैसले करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहला फैसला होगा—
राज्य में भाजपा-एनडीए गठबंधन की लगातार तीसरी जीत यानी हैट्रिक।
वहीं दूसरा फैसला—
कांग्रेस के “शाही परिवार के नामदारों” की हार का शतक बनाना।
पीएम मोदी के इस बयान को विपक्ष पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

“नेशन फर्स्ट” बनाम कांग्रेस की राजनीति
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भाजपा ‘नेशन फर्स्ट’ के सिद्धांत पर काम करती है और मां भारती की सेवा में समर्पित है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस कभी भी जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर नहीं जाती, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शिता के साथ जनता को अपने कार्यों का हिसाब देती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति अल्पकालिक लाभ और भ्रष्टाचार पर आधारित रही है, जबकि भाजपा दीर्घकालिक विकास के विजन के साथ काम कर रही है।
“असम को बुलंदी पर ले जा रही बीजेपी”
प्रधानमंत्री मोदी ने असम के विकास पर जोर देते हुए कहा कि राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने जनता से अपील की कि उनका वोट विकसित असम के निर्माण को और मजबूती देगा।
पीएम मोदी ने कहा कि—
पिछले दशक में राज्य को डर और अस्थिरता से बाहर निकाला गया,
और आने वाला दशक असम को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक मंच पर उसकी पहचान स्थापित करने का होगा।

किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
किसानों के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जब कांग्रेस केंद्र में सत्ता में थी, तब देश के धान किसानों को एमएसपी के रूप में केवल 4 लाख करोड़ रुपये मिले थे।
जबकि 2014 के बाद भाजपा सरकार ने किसानों को 16 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि 2013 में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 1300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर लगभग 2370 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
उन्होंने दावा किया कि असम की भाजपा सरकार भी किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए इस एमएसपी में अपनी ओर से वृद्धि कर रही है।
महिला आरक्षण पर बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिला सशक्तिकरण को भी प्रमुखता दी।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।
इसी उद्देश्य से सरकार ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पारित किया है, जिसके तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देश की महिलाओं ने इस अधिकार के लिए 40 वर्षों तक इंतजार किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार चाहती है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को इसका लाभ मिलना शुरू हो।
इसके लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है और सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर सहयोग मांगा गया है।
कांग्रेस के विजन पर सवाल
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के विजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के पास कभी भी दीर्घकालिक योजना नहीं रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का ध्यान केवल तात्कालिक लाभ और सत्ता बनाए रखने तक सीमित रहा है, जबकि भाजपा विकसित भारत और विकसित असम के व्यापक लक्ष्य के साथ काम कर रही है।
बरपेटा की इस रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण पूरी तरह से चुनावी रणनीति, विकास के मुद्दों और विपक्ष पर हमले का मिश्रण रहा।
जहां उन्होंने भाजपा की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सामने रखा, वहीं कांग्रेस पर तीखे हमले भी किए।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी के ये दावे और आरोप चुनावी नतीजों में किस हद तक असर डालते हैं और असम की जनता किसे सत्ता की बागडोर सौंपती है।
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