गौ आश्रय स्थलों के संचालन और गोवंश संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीडीओ ने निरीक्षण, सीसीटीवी और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनपद में गौ आश्रय स्थलों के बेहतर संचालन और निराश्रित गोवंशों के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में गौ आश्रय स्थलों के संचालन, प्रबंधन, संसाधनों की उपलब्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में एसीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लक्ष्मी वीएस, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सहित समिति के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को उनके-अपने दायित्वों के प्रति सजग रहते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए।
गो संवर्धन एवं संरक्षण कोष पर जोर
बैठक के दौरान गो संवर्धन एवं संरक्षण कोष में धनराशि एकत्र करने और उसके प्रभावी उपयोग पर विशेष चर्चा की गई।
सीडीओ ने बताया कि इस कोष में धनराशि बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम जनमानस की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही गोवंश संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है।

निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में निराश्रित गोवंशों के शत-प्रतिशत संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी गोवंश को खुले में भटकने की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए और सभी को सुरक्षित रूप से गौशालाओं में आश्रय दिया जाए।
गौशालाओं में सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
सीडीओ ने सभी गौशालाओं में गोवंशों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इनमें शामिल हैं—
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पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरा चारा
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स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
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अन्य जरूरी देखभाल और प्रबंधन
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी से बचाव के विशेष इंतजाम
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए गौशालाओं में विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए गए।
सीडीओ ने कहा कि गोवंशों को हीट से बचाने के लिए पर्याप्त छाया, स्वच्छ और ठंडा पानी, पंखे या कूलिंग सिस्टम की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गर्मी के कारण किसी भी पशु को असुविधा न हो और सभी आवश्यक उपाय समय रहते लागू कर दिए जाएं।

नियमित निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गोवंशों की वास्तविक संख्या का सत्यापन रजिस्टर और पोर्टल से मिलान कर अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
बैठक में गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
सीडीओ ने कहा कि सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और किसी भी अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
यह बैठक दर्शाती है कि जिला प्रशासन गोवंश संरक्षण और गौशालाओं के प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
सख्त निर्देशों और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से न केवल गौशालाओं की स्थिति में सुधार आएगा, बल्कि निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित और बेहतर जीवन भी मिल सकेगा।
अब देखने वाली बात होगी कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है।
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