मीरजापुर के अहरौरा क्षेत्र में शनिवार दोपहर ब्लास्टिंग के दौरान क्रशर प्लांट का डग अचानक धंस गया। हादसे में चार श्रमिकों के मलबे में दबने की सूचना सामने आई। जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। हादसे के बाद क्रशर प्लांट के कई जिम्मेदार कर्मचारियों के मौके से चले जाने की जानकारी भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि मजदूरों को बाहर निकालकर वाराणसी इलाज के लिए भेजा गया है, हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मीरजापुर के अहरौरा इलाके में शनिवार की दोपहर एक क्रशर प्लांट में अचानक हुए हादसे ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। भगौतीदेई क्षेत्र स्थित क्रशर प्लांट में ब्लास्टिंग के दौरान अचानक डग धंस गया। देखते ही देखते मलबा नीचे आ गिरा और वहां काम कर रहे चार श्रमिक उसके नीचे दब गए।
हादसे की खबर जैसे ही आसपास के लोगों और प्रशासन तक पहुंची, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू कराया गया। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाकर श्रमिकों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई।
ब्लास्टिंग के दौरान कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, घटना शनिवार दोपहर की है। अहरौरा के भगौतीदेई स्थित क्रशर प्लांट में ब्लास्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान क्रशर क्षेत्र का डग अचानक धंस गया। वहां काम कर रहे चार श्रमिक इसकी चपेट में आ गए और मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आसपास मौजूद लोग भी घटनास्थल की तरफ दौड़े। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और बचाव अभियान शुरू कराया।
मलबा काफी होने की वजह से जेसीबी की मदद से उसे हटाने का काम शुरू किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा। एसडीएम चुनार अनेग सिंह, तहसीलदार इवेंद्र कुमार और थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और श्रमिकों के बारे में जानकारी जुटाई। प्रशासन की निगरानी में जेसीबी से मलबा हटाने का काम कराया गया। अधिकारियों ने पूरे क्रशर क्षेत्र का भ्रमण भी किया और हादसे की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की।
इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली गई। प्रशासनिक टीम ने राहत कार्य के साथ-साथ घटनास्थल की स्थिति की जांच भी शुरू कर दी।
हादसे के बाद कई कर्मचारी मौके से चले गए?
घटना के बाद क्रशर प्लांट से जुड़े कई जिम्मेदार कर्मचारियों के मौके से चले जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर हादसे के बाद जिम्मेदार लोग घटनास्थल पर क्यों नहीं रुके।
हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई या उनके फरार होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मजदूरों को वाराणसी ले जाने की बात, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, क्रशर प्लांट के संचालक चारों श्रमिकों को मलबे से बाहर निकालकर इलाज के लिए ले गए। कुछ लोगों ने दावा किया कि सभी घायल श्रमिकों को उपचार के लिए वाराणसी भेजा गया है।
हालांकि, प्रशासन की तरफ से इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में श्रमिकों की वास्तविक स्थिति क्या है और उन्हें कहां भर्ती कराया गया है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
पुलिस ने फिलहाल हादसे की सूचना और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि क्रशर प्लांट में डग धंसने से चार श्रमिकों के दबने की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल—सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी?
अहरौरा के क्रशर प्लांट में हुआ यह हादसा सिर्फ चार मजदूरों के मलबे में दबने की घटना नहीं है, बल्कि क्रशर क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है।
ब्लास्टिंग जैसे जोखिम भरे काम के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था? डग की मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था की पहले से जांच हुई थी या नहीं? हादसे के बाद जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर क्यों नहीं रहे? और सबसे अहम सवाल—अगर चार मजदूर मलबे में दबे तो उनकी सुरक्षा के लिए मौके पर तत्काल कौन-कौन से इंतजाम मौजूद थे?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि घटना की गंभीरता से जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी क्रशर क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया।
फिलहाल अहरौरा की इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। प्रशासन मौके पर जांच में जुटा है और सबकी नजर इस बात पर है कि हादसे में दबे चारों श्रमिकों की हालत कैसी है और जांच के बाद क्रशर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कार्रवाई सामने आती है।
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