राजस्थान के धौलपुर में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन मासूम बच्चों और एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। मनियां थाना क्षेत्र के फूलपुर गांव के पास 11 लोगों से भरी इको वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने पानी के गड्ढे में पलट गई। हादसे के बाद राहगीरों और ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर गड्ढे में उतरकर घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सात घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया है।
राजस्थान के धौलपुर में शनिवार का दिन एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी लेकर आया, जिसे शायद वे कभी भूल नहीं पाएंगे। एक इको वैन में बैठकर जा रहे 11 लोगों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पल बाद सड़क किनारे जमा पानी उनके लिए जिंदगी और मौत के बीच की जंग बन जाएगा।
मनियां थाना क्षेत्र के फूलपुर गांव के पास इको वैन अचानक अनियंत्रित हुई और सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि वैन में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते राहगीर और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बिना समय गंवाए बचाव कार्य में जुट गए।
इस हादसे में तीन मासूम बच्चों और एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हुए हैं।
11 लोगों से भरी वैन अचानक गड्ढे में पलटी
जानकारी के मुताबिक, इको वैन में कुल 11 लोग सवार थे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। वैन फूलपुर गांव क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सड़क किनारे बने पानी के गड्ढे में जा गिरी।
बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क के आसपास बने गड्ढों में पानी भर गया था। इसी दौरान तेज गति में चल रही वैन का संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है।
वाहन के गड्ढे में पलटते ही आसपास मौजूद लोगों को हादसे का पता चला। ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और गड्ढे में उतरकर वैन में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।
हादसे के बाद सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए आगे आए। पानी से भरे गड्ढे में उतरकर उन्होंने वैन में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
इसके बाद पुलिस को हादसे की सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य को आगे बढ़ाया।
घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। सात घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकालना राहत कार्य का सबसे अहम हिस्सा रहा।
अस्पताल पहुंचते ही 4 लोगों को मृत घोषित किया गया
जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के अनुसार, हादसे के बाद कुल 11 लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से चार लोगों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया।
मृतकों में तीन मासूम बच्चे और एक महिला शामिल हैं। इस हादसे ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
अस्पताल में लाए गए अन्य लोगों में चार घायलों का उपचार किया गया और उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। वहीं तीन लोगों को इलाज की आवश्यकता नहीं पड़ी।
इस तरह हादसे में कुल सात लोग घायल हुए, जबकि चार लोगों की जान चली गई।
बारिश के बाद पानी से भरे थे सड़क किनारे के गड्ढे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की संभावित वजह चालक की लापरवाही और वाहन की तेज गति में संतुलन बिगड़ना बताई जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण सड़क किनारे बने गड्ढे पानी से भर गए थे। ऐसे में वाहन के अनियंत्रित होने के बाद सड़क किनारे मौजूद पानी से भरे गड्ढे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
यह हादसा सड़क किनारे खुले और पानी से भरे गड्ढों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करता है। बारिश के मौसम में ऐसे गड्ढे वाहन चालकों के लिए दिखाई नहीं देते और कई बार यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इको वैन किस परिस्थिति में अनियंत्रित हुई और क्या दुर्घटना के पीछे तेज गति या चालक की लापरवाही प्रमुख कारण थी।
इसके साथ ही सड़क की स्थिति, पानी से भरे गड्ढे और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल चार परिवारों में मातम पसरा हुआ है और सात घायल अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि बारिश के दौरान सड़कों के किनारे मौजूद खुले और पानी से भरे गड्ढों को लेकर सुरक्षा के इंतजाम कितने पुख्ता हैं।
धौलपुर का यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में सड़क सुरक्षा को लेकर चेतावनी भी है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है कि हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
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