देश की पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता पद्म विभूषण सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर दिल्ली में भावनाओं से भरा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने न केवल उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने सुषमा स्वराज से जुड़ी कई यादें साझा कीं।
भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाली देश की पूर्व विदेश मंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर बुधवार को दिल्ली भाजपा कार्यालय और वसंत विहार स्थित वसंत उद्यान में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसद बाँसुरी स्वराज, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली भाजपा कार्यालय में हुई, जहां हर्ष मल्होत्रा ने नई दिल्ली से सांसद बाँसुरी स्वराज की मौजूदगी में सुषमा स्वराज के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सभी नेता वसंत विहार स्थित वसंत उद्यान पहुंचे, जहां "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हर्ष मल्होत्रा, विजेंद्र गुप्ता, सांसद बाँसुरी स्वराज और विधायक अनिल शर्मा ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी नई दिल्ली के जिलाध्यक्ष रविंद्र चौधरी, करोलबाग के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बब्बर और निगम पार्षद अंजुम मंडल ने संभाली।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा कि यह दिन उनके लिए बेहद भावुक करने वाला है। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज केवल एक राजनेता नहीं थीं, बल्कि करोड़ों लोगों की प्रेरणा थीं।
रेखा गुप्ता ने कहा, "मैं समाज और दिल्ली के लिए आज जो कुछ भी कर पा रही हूं, वह आदरणीय सुषमा स्वराज से मिली प्रेरणा और मार्गदर्शन का परिणाम है।"
उन्होंने बाँसुरी स्वराज की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनमें अपनी मां के व्यक्तित्व की सादगी, संवेदनशीलता और सौम्यता साफ दिखाई देती है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि सुषमा स्वराज केवल एक नेता नहीं थीं, बल्कि भारतीय राजनीति का एक ऐसा आदर्श थीं, जिनमें दृढ़ता और संवेदनशीलता का अद्भुत संतुलन दिखाई देता था।
उन्होंने कहा, "विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने जनता की विदेश नीति को एक नई पहचान दी। दुनिया के किसी भी कोने में फंसे भारतीय को यह विश्वास था कि दिल्ली में उसका कोई अपना मौजूद है और वह नाम सुषमा स्वराज था।"
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि सुषमा स्वराज का जीवन आज भी लाखों कार्यकर्ताओं को प्रेरित करता है और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सुषमा स्वराज एक संवेदनशील और कर्मठ नेता थीं। उन्होंने भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं को न केवल आगे बढ़ने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें सही दिशा भी दिखाई।
सांसद मनोज तिवारी ने भावुक होते हुए कहा कि सुषमा स्वराज जैसा संवेदनशील नेता बनाना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि भाजपा से उनका पहला चुनाव लड़ने का अवसर भी सुषमा स्वराज की प्रेरणा और मार्गदर्शन के कारण ही मिला था।
भाजपा सांसद योगेंद्र चांदोलिया ने कहा कि सुषमा स्वराज ने उन्हें करोलबाग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का अवसर दिया था। वहीं, सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन को आकार देने में सुषमा स्वराज की अहम भूमिका रही है।
सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई मौकों पर सुषमा स्वराज का मार्गदर्शन मिला और हर बार उन्होंने आत्मीयता के साथ उनका मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के सबसे भावुक क्षण तब आए, जब सांसद बाँसुरी स्वराज ने अपनी मां को याद किया। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज केवल उनकी मां नहीं थीं, बल्कि भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए मां और बड़ी बहन जैसी थीं।

उन्होंने कहा, "इतनी तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को यहां देखकर ऐसा लगता है कि मां आज भी सभी के दिलों में जिंदा हैं। यह दृश्य मुझे और अधिक समर्पण के साथ जनसेवा करने की प्रेरणा देता है।"
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा, सांसद मनोज तिवारी, कमलजीत सहरावत, योगेंद्र चांदोलिया, प्रवीन खंडेलवाल और स्वाति मालीवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, विधायक नीरज बसोया, शिखा राय, श्याम शर्मा, हरीश खुराना, उमंग बजाज, एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, महामंत्री राजेश भाटिया, योगिता सिंह और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
बरसात के बीच आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं था, बल्कि यह उन मूल्यों और आदर्शों को याद करने का अवसर भी था, जिन्हें सुषमा स्वराज ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में अपनाया था।
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