ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो (आईएचई) 2026 के नौवें संस्करण का भव्य आगाज हुआ। चार दिवसीय इस आयोजन में देश और दुनिया के हजारों उद्योग विशेषज्ञ, होटल व्यवसायी, शेफ, डिजाइनर, निवेशक और तकनीकी कंपनियां एक मंच पर एकत्रित हुई हैं।
ग्रेटर नोएडा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन का साक्षी बना है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बुधवार को भारत के सबसे प्रतिष्ठित बी-टू-बी हॉस्पिटैलिटी और होरेका मंच 'इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो (आईएचई) 2026' के नौवें संस्करण का भव्य शुभारंभ किया गया। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन भारत के होटल, रेस्तरां, खानपान और आतिथ्य उद्योग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस वर्ष प्रदर्शनी में भारत सहित दुनिया के कई देशों से होटल मालिक, उद्योग विशेषज्ञ, खरीद विशेषज्ञ, शेफ, आर्किटेक्ट, डिजाइनर, तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधि और निवेशक बड़ी संख्या में पहुंचे हैं।
भव्य उद्घाटन समारोह ने बढ़ाया आयोजन का आकर्षण
कार्यक्रम की शुरुआत रिबन काटकर की गई। इस दौरान इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना, पर्चेजिंग प्रोफेशनल फोरम इंडिया (पीपीएफआई) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह आहूजा, स्पिरिट्ज़ की संपादक शालिनी कुमार, हॉटरेमाई के अध्यक्ष अनिल मल्होत्रा, इंडेवा होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के मुख्य परिचालन अधिकारी बरुण गुप्ता, आईडब्ल्यूआईए के संस्थापक नीरज धवन, आईआईआईडी के अध्यक्ष हेमंत सूद तथा आईईएमएल के ईडी और सीईओ सुदीप सरकार समेत अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।
भारत के हॉस्पिटैलिटी उद्योग का नया चेहरा बना IHE
आईईएमएल के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि आईएचई अब केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे हॉस्पिटैलिटी उद्योग का वार्षिक सम्मेलन बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि आज उद्योग तेजी से बदल रहा है और ऐसे समय में आईएचई जैसे मंच निवेश, नवाचार और व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बेहतरीन अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

तकनीक से लेकर डिजाइन तक सब कुछ एक ही मंच पर
प्रदर्शनी में होटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कमर्शियल किचन, फूड सर्विस उपकरण, बेकरी समाधान, स्मार्ट हॉस्पिटैलिटी टेक्नोलॉजी, हाउसकीपिंग सिस्टम, सुरक्षा उपकरण, प्रकाश व्यवस्था, इंटीरियर डिजाइन और फर्निशिंग से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी हॉल में पूरे दिन आगंतुकों की भारी भीड़ दिखाई दी। कारोबारियों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच लगातार विचार-विमर्श और नए व्यापारिक समझौतों को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
'वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन' बना आकर्षण का केंद्र
इस बार प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विशेष रूप से 'वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन' (ओडीओसी) पवेलियन तैयार किया गया है।
इस पवेलियन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ खाद्य पर्यटन को बढ़ावा देना भी है।
पेस्ट्री क्वीन इंडिया प्रतियोगिता ने बढ़ाई रौनक
आईएचई 2026 में आयोजित 'पेस्ट्री क्वीन इंडिया 2026' प्रतियोगिता ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा प्रसिद्ध शेफ गौतम चौधरी द्वारा आयोजित कुलिनरी मास्टरक्लास भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
इस दौरान शेफ और पाक-कला विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों, स्वाद और प्रस्तुतीकरण की नई शैलियों से जुड़े अनुभव साझा किए।
भविष्य की रणनीतियों पर हुई चर्चा
पीपीएफआई के अध्यक्ष अमरजीत सिंह आहूजा ने कहा कि वर्तमान समय में खरीद प्रक्रिया केवल उत्पाद खरीदने तक सीमित नहीं रह गई है। अब यह नवाचार, भरोसे और दीर्घकालिक साझेदारियों का माध्यम बन चुकी है।

ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने भी भारतीय हस्तशिल्प और रचनात्मकता को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
आगामी दिनों में होंगे कई बड़े आयोजन
अगले तीन दिनों के दौरान आईएचई 2026 में अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें हॉस्पिटैलिटी डिजाइन सिम्पोजियम, हाउसकीपर्स कॉन्क्लेव, मास्टर बेकर्स चैलेंज, कुलिनरी लीग, बी-टू-बी बैठकें, नेतृत्व सम्मेलन और कई विशेष कार्यशालाएं शामिल हैं।
इसके अलावा इस वर्ष पहली बार 'मधु मंडपम्' नामक विशेष मंच की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य अल्कोहलिक बेवरेज उद्योग से जुड़े कारोबारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
25 हजार से अधिक आगंतुकों के पहुंचने की संभावना
08 अगस्त तक चलने वाले इस आयोजन में 10 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में एक हजार से अधिक ब्रांड अपनी नवीनतम तकनीकों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार इस बार 25 हजार से अधिक व्यावसायिक आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन न केवल भारत के हॉस्पिटैलिटी उद्योग को नई दिशा देगा, बल्कि ग्रेटर नोएडा को वैश्विक कारोबारी मानचित्र पर और अधिक मजबूती के साथ स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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