नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। संगठन ने दावा किया कि छात्रों पर एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, पुलिस उनके घरों पर दबिश दे रही है और सोशल मीडिया से वीडियो हटवाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत हेल्पलाइन नंबर 9811867474 और क्यूआर कोड जारी कर कानूनी सहायता देने का ऐलान किया है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से इस प्रेस विज्ञप्ति के समय तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) और भारतीय युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए बड़ा हमला बोला है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दावा किया कि सरकार छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने के अपने वादे से पीछे हट रही है और देशभर में छात्रों के खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शन में शामिल छात्रों के घरों पर दबिश दे रही है, उनके परिजनों से पूछताछ कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों, पत्रकारों और यूट्यूबर्स के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटवाने की कोशिश की जा रही है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सरकार की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत
प्रेस वार्ता के दौरान एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने देशभर में 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू करने की घोषणा की।
संगठन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को कानूनी और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9811867474 और एक क्यूआर कोड जारी किया गया है। संगठन के अनुसार प्रभावित छात्र इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर या क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे संगठन से संपर्क कर सकते हैं और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
प्रेस वार्ता में छात्र नेता ऋचा कुशवाहा और गुरमेहर कौर भी मौजूद रहीं।
राहुल गांधी के समर्थन का दावा
एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई देशभर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गंभीर आरोप
विनोद जाखड़ ने दावा किया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन और पटना में एके-47 जैसी घातक हथियारों का इस्तेमाल निहत्थे छात्रों के खिलाफ किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोली लगने से घायल एक छात्र पटना के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
जाखड़ ने सवाल उठाया कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किस स्तर से दिया गया और कहा कि बिना उच्चस्तरीय निर्देश के पुलिस इस प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकती।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने दिल्ली और बिहार में कथित दमनात्मक कार्रवाई का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
संगठन ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में आंदोलन चलाया जाएगा और छात्रों के साथ खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से आगे बढ़ीं मांगें
प्रेस वार्ता के दौरान एनएसयूआई ने कहा कि उनकी मांग केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं है।
संगठन ने कई अन्य मांगें भी सामने रखीं—
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त या पुनर्गठित किया जाए।
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परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए।
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वार्षिक परीक्षा कैलेंडर पहले से जारी किया जाए।
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निर्धारित समय के अनुसार परीक्षाएं आयोजित हों।
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पेपर लीक रोकने के लिए बेहद कठोर दंड वाला प्रभावी कानून बनाया जाए।
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एनटीए के कथित दोषी अधिकारियों और महानिदेशक के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
'12 वर्षों में 150 से अधिक पेपर लीक' का दावा
विनोद जाखड़ ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में नीट सहित 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और नीट मामले में 25 से अधिक अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की। उन्होंने सरकार पर पीड़ित परिवारों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
इन आंकड़ों और आरोपों पर सरकार की ओर से इस प्रेस वार्ता के समय तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
बिहार में छात्रों पर कार्रवाई का आरोप
छात्र नेता ऋचा कुशवाहा ने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
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पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर सहित एनएसयूआई के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
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हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई।
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कई छात्राओं के घरों पर रात में पुलिस ने दबिश देकर तलाशी ली।
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प्रदर्शन में शामिल छात्राओं को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है और उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं।
इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से देशभर में छात्रों से संपर्क किया जाएगा और पेपर लीक, परीक्षा सुधार तथा कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
दूसरी ओर, इस प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों पर सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे मामलों में सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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