गाजियाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान के तहत गणेशपुरी भाटी चौक स्थित एक सोया चाप निर्माण इकाई पर छापा मारकर 200 किलोग्राम सोया चाप नष्ट करा दी। फैक्ट्री में भारी गंदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए गए। विभाग ने तीन नमूने जांच के लिए भेजे हैं और प्रतिष्ठान का पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति की है।
बाजार में मिलने वाली सोया चाप को लेकर गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष अभियान के दौरान गणेशपुरी भाटी चौक, थाना शालीमार गार्डन स्थित 'घनश्याम चाप' नामक सोया चाप निर्माण इकाई पर छापेमारी कर लगभग 200 किलोग्राम सोया चाप मौके पर ही नष्ट करा दी। निरीक्षण में पाया गया कि खाद्य पदार्थ अत्यंत अस्वच्छ और गंदगी भरे वातावरण में तैयार किए जा रहे थे। विभाग ने प्रतिष्ठान का पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति करते हुए फैक्ट्री में खाद्य निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को जिले में विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य सोया चाप निर्माण इकाइयों में खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना था। इसके तहत विभिन्न टीमों को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण के लिए भेजा गया।
जांच के दौरान कुल चार सोया चाप निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम गणेशपुरी भाटी चौक स्थित घनश्याम चाप निर्माण परिसर पहुंची, जहां गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण में मिली भारी गंदगी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि निर्माण परिसर में खाद्य पदार्थों के उत्पादन के लिए आवश्यक स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। परिसर में अत्यधिक गंदगी थी और उसी माहौल में सोया चाप तैयार की जा रही थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार किसी भी खाद्य निर्माण इकाई के लिए साफ-सफाई, स्वच्छ वातावरण और निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य होता है। लेकिन इस फैक्ट्री में इन नियमों की अनदेखी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

फैक्ट्री संचालक नहीं मिले मौजूद
जांच के समय फैक्ट्री का खाद्य पंजीकरण संख्या 22725688000268 के तहत संचालित पाया गया। यह पंजीकरण श्रीमती ऊषा शुक्ला, पत्नी श्री कृष्ण कुमार के नाम पर था।
हालांकि निरीक्षण के दौरान पंजीकरणधारी मौके पर मौजूद नहीं थीं। कार्रवाई फैक्ट्री मैनेजर पंकज गुप्ता, पुत्र धीरक गुप्ता, निवासी सेमरा, थाना तरबगंज, जनपद गोण्डा की उपस्थिति में पूरी की गई।
तीन खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच के दौरान तीन अलग-अलग खाद्य नमूने एकत्र किए।
इनमें शामिल हैं—
-
50 किलोग्राम के स्टॉक में से रंगीन सोया चाप का नमूना।
-
150 किलोग्राम के स्टॉक में से सफेद सोया चाप का नमूना।
-
लगभग दो कुंतल स्टॉक में से मैदा का नमूना।
इन सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप थे या नहीं। यदि किसी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
200 किलोग्राम सोया चाप कराई गई नष्ट
निरीक्षण के दौरान विभाग ने पाया कि लगभग 200 किलोग्राम सोया चाप अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार की जा रही थी। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को देखते हुए विभाग ने इस पूरे स्टॉक को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
अधिकारियों के अनुसार नष्ट की गई सोया चाप की अनुमानित कीमत लगभग 20 हजार रुपये थी। विभाग का कहना है कि अस्वच्छ वातावरण में तैयार खाद्य पदार्थों को बाजार तक पहुंचने देना आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता था।
पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति
सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए प्रतिष्ठान का पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति की गई है।
साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक परिसर में आवश्यक सुधार नहीं किए जाते और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक वहां किसी भी प्रकार का खाद्य निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।

विभाग ने बताया कि फिलहाल तीनों खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान रहेगा जारी
सहायक आयुक्त खाद्य ने कहा कि जिले में मिलावटी, घटिया गुणवत्ता वाले और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
उन्होंने खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी कि यदि कोई प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए भी एक संदेश
यह कार्रवाई केवल एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खाद्य कारोबारियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि स्वच्छता और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं उपभोक्ताओं के लिए भी यह आवश्यक है कि वे केवल विश्वसनीय और स्वच्छ प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें।
खाद्य सुरक्षा विभाग का मानना है कि नियमित निरीक्षण, सख्त कार्रवाई और जागरूक उपभोक्ता ही मिलकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं।
COMMENTS