इंदौर के प्रीति नगर में EV चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली। सिलेंडर धमाकों ने आग को और भयानक बना दिया।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मामूली सी चिंगारी ने देखते ही देखते आठ लोगों की जान ले ली। प्रीति नगर इलाके में स्थित एक मकान में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए एक बड़ी त्रासदी बन गया है।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब मकान के बाहर एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्ज हो रहा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, चार्जिंग के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और चार्जिंग पॉइंट पर धमाका हो गया। इस एक चिंगारी ने कुछ ही सेकंड में विकराल रूप ले लिया और आग तेजी से वाहन से होते हुए घर के अंदर फैल गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इससे पहले कि वे बाहर निकलने का रास्ता खोज पाते, पूरा घर धुएं और लपटों से भर चुका था। स्थिति उस समय और भयावह हो गई जब घर के अंदर रखे एलपीजी गैस सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गए।
जानकारी के मुताबिक, घर में 10 से अधिक गैस सिलेंडर रखे हुए थे। जैसे ही आग उन तक पहुंची, एक के बाद एक धमाके होने लगे। इन धमाकों ने आग को और भड़का दिया और पूरा घर आग के गोले में तब्दील हो गया। हर धमाका आसपास के लोगों के दिलों में दहशत पैदा कर रहा था।

इस हादसे में कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों में मकान मालिक मनोज पुगलिया, सिमरन, विजय सेठिया, सुमन सेठिया, राशि और छोटू सेठिया शामिल हैं। दो अन्य मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
हादसे के वक्त घर में कुछ मेहमान भी मौजूद थे, जो एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर आए हुए थे। दुर्भाग्यवश, वे भी इस आग की चपेट में आ गए और अपनी जान गंवा बैठे।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। पड़ोसियों ने बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सिलेंडर धमाकों के कारण हालात इतने खतरनाक हो गए कि किसी के लिए घर के करीब जाना संभव नहीं रहा। लोग दूर खड़े होकर अंदर फंसे लोगों को आवाज लगाते रहे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बचाव दल ने 7 शवों को बाहर निकाला, जबकि बाद में एक बच्चे का शव भी बरामद हुआ। बच्चे का शव इतनी बुरी तरह जल चुका था कि उसे पोटली में बांधकर बाहर लाना पड़ा—एक ऐसा दृश्य जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
इस मामले में इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में EV चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि घर में ज्वलनशील केमिकल्स भी मौजूद थे, जिससे आग और तेजी से फैली।

घटना के बाद पूरे प्रीति नगर और बृजेश्वरी एनेक्स इलाके में शोक का माहौल है। लोग अब भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। हर कोई यही सोच रहा है कि आखिर कैसे एक मामूली सी लापरवाही ने इतना बड़ा हादसा खड़ा कर दिया।
यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है। आज के समय में EV का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। साथ ही घरों में गैस सिलेंडर और ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भंडारण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इंदौर की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि तकनीक के साथ सावधानी कितनी जरूरी है। एक छोटी सी चूक… और उसकी कीमत कई जिंदगियों से चुकानी पड़ सकती है।
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