बांदा दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 710 करोड़ रुपये से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। राम मंदिर, कब्रिस्तान, ब्रह्मोस मिसाइल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, भूमाफिया और रोजगार जैसे कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री के बयान चर्चा का विषय बन गए।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विकास और विरासत का मुद्दा केंद्र में आ गया है। बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 710 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जहां बुंदेलखंड में पिछले नौ वर्षों में हुए बदलाव को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक आरोप भी लगाए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का सम्मान नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार मंदिरों, धार्मिक स्थलों और धामों के विकास पर निवेश कर रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्राथमिकताएं अलग थीं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि "जिन्हें कब्रिस्तान प्यारा है, वे ही राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों के विकास का विरोध करते हैं।"
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए विकास विरोधी और नकारात्मक सोच रखने वाली राजनीति को अस्वीकार करना होगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बांदा और बबेरू क्षेत्र के लिए 710 करोड़ रुपये से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का लाभ सीधे आम जनता को मिलेगा और क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इन विकास कार्यों का श्रेय स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता के सहयोग को देते हुए कहा कि विकास तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि जनता के हितों के प्रति समर्पित हों।
'पहले बुंदेलखंड की पहचान पलायन और प्यास थी'
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में लगभग एक दशक पहले के बुंदेलखंड की स्थिति का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सबसे पहले बुंदेलखंड का दौरा करने की सलाह दी थी।
उन्होंने कहा कि उस समय क्षेत्र में पलायन, पेयजल संकट, सिंचाई की कमी, खराब सड़कें, रोजगार का अभाव, भूमाफिया, डकैत और भय का माहौल था। किसान खेतों तक जाने से डरते थे और कई क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बेहद कमजोर थी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज वही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक निवेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने बिना किसी नेता का नाम लिए विपक्ष पर कई राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर थी और भूमाफिया तथा अपराधियों का दबदबा था।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाकर 64 हजार एकड़ भूमि माफियाओं से मुक्त कराई, जिस पर अब निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं का लाभ सीमित लोगों तक पहुंचता था, जबकि अब सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर काम कर रही है।
ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तक का जिक्र
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज बुंदेलखंड देश की रक्षा उत्पादन व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक है और इससे देश की सुरक्षा क्षमता मजबूत हुई है।
बांदा और बबेरू के जनप्रतिनिधियों पर भी टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने स्थानीय राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि विकास के प्रति गंभीर हैं, वहां तेजी से परियोजनाएं पहुंच रही हैं।
उन्होंने बांदा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि वे विकास कार्यों में सक्रिय रुचि लेते हैं। वहीं बबेरू के विधायक पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी प्राथमिकता विकास नहीं बल्कि गरीबों को परेशान करना है। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है।

शजर पत्थर और ओडीओपी मॉडल की भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने बांदा के प्रसिद्ध शजर पत्थर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज यह पत्थर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है और बड़ी कंपनियां भी इसकी मांग कर रही हैं।
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना की सफलता बताते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
'अब नौकरी मांगने नहीं, नौकरी देने वाला बनेगा बुंदेलखंड'
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) और औद्योगिक क्लस्टरों के माध्यम से क्षेत्र को उत्तर प्रदेश का बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहले बुंदेलखंड से रोजगार के लिए पलायन होता था, लेकिन आने वाले समय में देश और दुनिया के युवा यहां रोजगार की तलाश में आएंगे।
कार्यक्रम में रहे कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद
इस अवसर पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, लोकनिर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह, विधायक प्रकाश द्विवेदी, ओममणि वर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी, जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मालती गुप्ता 'बासू', भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू तथा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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