श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा और सिद्धपीठ श्री दुग्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गाजियाबाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ और एडिशनल पुलिस आयुक्त राज करन नय्यर की अध्यक्षता में हुई समन्वय बैठक में सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वच्छता, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और अन्य सभी व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
श्रावण मास शुरू होने के साथ ही गाजियाबाद प्रशासन ने इस वर्ष की कांवड़ यात्रा और सिद्धपीठ श्री दुग्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में होने वाले जलाभिषेक कार्यक्रम को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र बनने वाले इस धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक रणनीति तैयार की है।
इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ और एडिशनल पुलिस आयुक्त राज करन नय्यर की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रीमंहत श्री नारायण गिरि महाराज, सदर विधायक संजीव शर्मा, डीसीपी सिटी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (नगर), नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिविल डिफेंस सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील अवसर है। इसलिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कांवड़ मार्ग पर चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
जिलाधिकारी ने नगर निगम और संबंधित निकायों को निर्देश दिए कि पूरे कांवड़ मार्ग, प्रमुख शिव मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। नियमित सफाई, कूड़ा उठान, नालियों की सफाई, आवश्यकतानुसार फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश
बैठक में पेयजल व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पूरे कांवड़ मार्ग और प्रमुख विश्राम स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। जहां आवश्यकता महसूस हो, वहां अस्थायी जलापूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएं और उनकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस रहेंगी तैनात
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्ग और प्रमुख मंदिरों के आसपास पर्याप्त संख्या में चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएं। इन शिविरों में चिकित्सकों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ, प्राथमिक उपचार सामग्री, जीवनरक्षक दवाइयां और एम्बुलेंस की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

बिजली आपूर्ति पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि पूरे कांवड़ मार्ग और मंदिर परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और स्ट्रीट लाइटों का पहले से परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूरा किया जाए। साथ ही बिजली संबंधी किसी भी शिकायत के तत्काल समाधान के लिए विशेष कंट्रोल टीम भी गठित करने के निर्देश दिए गए।
सड़कों की मरम्मत और बैरिकेडिंग होगी पूरी
लोक निर्माण विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि कांवड़ मार्ग पर मौजूद गड्ढों, क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य अवरोधों को तुरंत दूर किया जाए। जहां जरूरत हो वहां सड़क मरम्मत, समतलीकरण, बैरिकेडिंग और दिशा संकेतक बोर्ड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।
मूलभूत सुविधाओं पर भी रहेगा विशेष ध्यान
प्रशासन ने प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक एवं मोबाइल शौचालय, विश्राम स्थल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इन व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता और कार्यशीलता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

हर विभाग का कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा से जुड़े सभी विभाग अपने-अपने कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय रखें। किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
ट्रैफिक व्यवस्था होगी सबसे बड़ी प्राथमिकता
बैठक में यातायात व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी और एडिशनल पुलिस आयुक्त ने पुलिस एवं यातायात विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान विस्तृत ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए तथा डायवर्जन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम नागरिकों और श्रद्धालुओं दोनों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस, प्रशासन और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की संयुक्त तैनाती की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रावण मास के आयोजन गरिमा और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने पर जोर
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल व्यवस्थाएं करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि श्रावण मास के सभी धार्मिक आयोजन जनपद में पूरी गरिमा, श्रद्धा और शांति के साथ संपन्न हों।
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