देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर भरवाने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मध्य पूर्व में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता के बीच लोगों में गैस सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि भारत में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह का संकट नहीं है।
देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर अचानक बढ़ी हलचल ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली, मुंबई, भोपाल, हैदराबाद, लखनऊ और अहमदाबाद समेत देश के कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। कई जगह लोग घंटों तक लाइन में खड़े होकर सिलेंडर भरवाने का इंतजार करते नजर आए। इन तस्वीरों ने देशभर में एलपीजी सप्लाई को लेकर डर और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
हालांकि केंद्र सरकार और गैस कंपनियों ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए साफ कहा है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार के मुताबिक भारत में तेल और गैस की सप्लाई लगातार जारी है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात का संबंध वैश्विक परिस्थितियों से भी जुड़ा हुआ है। मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार में बनी अनिश्चितता ने लोगों के मन में सप्लाई को लेकर शंकाएं पैदा कर दी हैं। इसी कारण कई जगहों पर लोग एहतियात के तौर पर पहले से ही सिलेंडर भरवाने के लिए गैस एजेंसियों की ओर दौड़ पड़े।

इस बीच गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने भी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। Indraprastha Gas Limited यानी IGL ने बयान जारी करते हुए कहा कि घरों में खाना बनाने के लिए PNG और वाहनों के लिए CNG की सप्लाई लगातार जारी है। कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहकों को बेहतर सेवा देना और उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है।
दूसरी ओर एलपीजी की संभावित किल्लत के बीच कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कानपुर में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान कुल 49 एलपीजी सिलेंडर, रिफिलिंग के उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक कांटा जब्त किया गया।
प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई अवैध भंडारण, कालाबाजारी और गैरकानूनी रिफिलिंग के खिलाफ की गई है, जो आम जनता की रसोई को प्रभावित कर रही थी। दोनों मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एलपीजी की किल्लत का असर अब छोटे कारोबारियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद में कई चाय की दुकानें, फूड स्टॉल और रोडसाइड वेंडर्स गैस सिलेंडर न मिलने और कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान हैं। कई छोटे व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो उनका कारोबार प्रभावित हो सकता है।
इस बीच एलपीजी की संभावित कमी की खबरों के बाद लोग वैकल्पिक विकल्पों की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है। कई क्विक-डिलीवरी ऐप में कई शहरों में इनका स्टॉक पहले ही खत्म हो चुका है।
मुंबई में इसका असर अब होटल और रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहा है। देश और एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका मानी जाने वाली Brihanmumbai Municipal Corporation यानी BMC के मुख्यालय की कैंटीन भी इस संकट की चपेट में आ गई है। कैंटीन प्रबंधन के मुताबिक उनके पास कमर्शियल गैस का बेहद सीमित स्टॉक बचा है और हालात ऐसे हैं कि आज का दिन किसी तरह गुजारा जा सकता है, लेकिन कल के लिए कोई भरोसा नहीं है।
भोपाल में भी लोगों को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा देखा गया। कई लोग एलपीजी सिलेंडर के साथ-साथ अपने दोपहिया वाहनों के लिए गैस भरवाने के लिए इंतजार करते नजर आए।
इस मुद्दे की गूंज संसद तक भी पहुंच गई है। लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने संसद परिसर में अन्य विपक्षी नेताओं के साथ प्रदर्शन करते हुए देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
फिलहाल सरकार का कहना है कि देश में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार का संकट नहीं है। लेकिन जब तक गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें खत्म नहीं होतीं, तब तक लोगों की चिंता कम होती नजर नहीं आ रही है।
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