देश के कई शहरों—मुंबई, नोएडा, पटना, कोलकाता, अहमदाबाद और रांची—में LPG सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। सप्लाई में कमी और मिडिल ईस्ट संकट के कारण लोग घंटों और कई जगहों पर दिनों तक इंतजार करने को मजबूर हैं।
देश के कई हिस्सों से सामने आ रही तस्वीरें एक गंभीर ऊर्जा संकट की ओर इशारा कर रही हैं। एलपीजी गैस की सप्लाई में कमी की खबरों के बीच देश के अलग-अलग शहरों में लोग सुबह से लेकर देर रात तक सिलेंडर पाने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
मुंबई, नवी मुंबई, नोएडा, पटना, रांची, कोलकाता, अहमदाबाद और प्रयागराज समेत कई शहरों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
महाराष्ट्र के नवी मुंबई से आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि लोग सुबह-सुबह खाली सिलेंडर लेकर एलपीजी डिपो के बाहर लंबी लाइन में बैठे हैं। इन कतारों में बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी शामिल हैं। कई लोग जमीन पर सिलेंडर के साथ बैठे हुए नजर आए, ताकि उनकी बारी न छूट जाए।

मुंबई के अन्य इलाकों में भी स्थिति लगभग यही है। एक तस्वीर में गोदाम के अंदर मजदूर एलपीजी सिलेंडरों को व्यवस्थित करते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरी तस्वीर में एक महिला सिर पर घरेलू सिलेंडर उठाकर ले जाती दिख रही है।
झारखंड की राजधानी रांची में भी हालात ज्यादा अलग नहीं हैं। यहां भी लोग सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। कई लोगों ने बताया कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी यह तय नहीं कि उन्हें गैस मिल ही जाएगी।

पश्चिम बंगाल में भी गैस की किल्लत की तस्वीरें सामने आई हैं। नादिया जिले में एक विक्रेता सिलेंडर डिलीवर करने जाता दिखा, जबकि कोलकाता में गैस डिपो के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई जगह मजदूरों को भारी सिलेंडर उठाते हुए देखा गया।
गुजरात के अहमदाबाद में भी एलपीजी डिपो के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं। कुछ जगहों से सिलेंडरों की कालाबाजारी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

इस संकट का असर होटल और रेस्तरां उद्योग पर भी पड़ने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कई होटल और ढाबे पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। नवी मुंबई का एक रेस्तरां तो गैस की कमी के कारण बंद करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के नोएडा से सामने आया एक वीडियो इस संकट की गंभीरता को और स्पष्ट करता है। यहां लोग सुबह 3 बजे से ही गैस गोदाम के बाहर लाइन लगाकर खड़े हैं। बताया जा रहा है कि एक गोदाम के बाहर 300 से ज्यादा लोग सिलेंडर पाने के इंतजार में खड़े थे।
कई लोग लगातार तीन दिन से सिलेंडर लेने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने तो अपनी नौकरी से छुट्टी लेकर गैस लेने के लिए लाइन में लगना पड़ा। लोगों के चेहरों पर नाराजगी और थकान साफ दिखाई दे रही है।

बिहार की राजधानी पटना और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिलीं, जहां लोग अपने सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। कई परिवारों में गैस खत्म होने के कारण चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव एक बड़ी वजह हो सकता है। दरअसल ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किए जाने से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने हाल ही में बताया कि भारत अपनी लगभग 60% एलपीजी आयात करता है और इसमें से करीब 90% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है।

उन्होंने कहा कि स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति जारी रहे। साथ ही एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है।
इस बीच केंद्र सरकार ने ईंधन आपूर्ति की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। इस समिति में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं।
हालांकि सरकार का दावा है कि देश में गैस और तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन में कोई बड़ी बाधा नहीं है। लेकिन जमीनी हकीकत की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं, जहां लोग गैस सिलेंडर के लिए घंटों और कई बार दिनों तक कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं।
COMMENTS