वैश्विक तनाव के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी और LPG, CNG की आपूर्ति भी पर्याप्त है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया ऊर्जा संकट को लेकर चिंतित है, वहीं भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों को लेकर उठ रही आशंकाओं पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में न तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी होने जा रही है और न ही एलपीजी या सीएनजी की कोई कमी है।
केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत की वार्षिक रिफाइनिंग क्षमता लगभग 26 करोड़ टन है, जो देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल के स्टॉक में भी कोई कमी नहीं है और देशभर के पेट्रोल पंपों पर सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
हालांकि, पिछले दो दिनों में कुछ इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गई थीं। यह स्थिति अफवाहों और पैनिक खरीदारी के कारण बनी, लेकिन सरकार ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। सुजाता शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही ईंधन खरीदें।
एलपीजी की बात करें तो सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कॉमर्शियल एलपीजी के कोटे को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। यह निर्णय 21 मार्च को लिया गया था। इसके तहत राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ढाबों, होटलों, औद्योगिक कैंटीनों और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दें।

अब तक 26 राज्यों को करीब 22 हजार टन कॉमर्शियल एलपीजी आवंटित की जा चुकी है। सिर्फ मंगलवार को ही लगभग 30 हजार 5 किलो के सिलिंडर जारी किए गए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार आपूर्ति को लेकर पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 92 प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग हो रही है और डिलीवरी प्रक्रिया भी पूरी तरह सामान्य है। यानी आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसी के साथ सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है। हाल ही में एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें PNG कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और मंजूरी की समयसीमा भी घटाई गई है।
पिछले 25 दिनों में ही करीब 2.5 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से PNG में शिफ्ट हो चुके हैं। इसके अलावा 2.5 लाख नए रजिस्ट्रेशन भी दर्ज किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि घरेलू PNG कनेक्शनों को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

सीएनजी की बात करें तो परिवहन क्षेत्र के लिए भी इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कई कंपनियां उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए 500 रुपये तक की फ्री गैस या सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट जैसी सुविधाएं दे रही हैं।
सरकार ने राज्यों को यह प्रस्ताव भी दिया है कि यदि वे PNG विस्तार में सहयोग करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 10 प्रतिशत कॉमर्शियल एलपीजी आवंटित किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, सरकार के इन सभी कदमों से यह साफ है कि देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है। नागरिकों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे घबराएं नहीं, अफवाहों से दूर रहें और सामान्य जीवनशैली बनाए रखें।
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