राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। गाजियाबाद संभाग के चार जिलों में अब तक 2037 End of Life (EOL) वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्रों के माध्यम से स्क्रैप कराने के लिए सुपुर्द किया गया है। विभाग वाहन के पंजीकरण, प्रथम पंजीकरण की तारीख, ईंधन प्रकार और अन्य अभिलेखों की जांच के बाद कार्रवाई कर रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR में अब सड़क पर दौड़ रहे पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पत्र संख्या-753 प्रावि0/2026-89 प्रावि0/2026, दिनांक 05 सितंबर 2026 के माध्यम से आयु सीमा पूर्ण यानी End of Life (EOL) वाहनों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जब्त या निरुद्ध वाहनों के सुरक्षित अभिरक्षण, परिवहन और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्रों के माध्यम से विधिसम्मत निस्तारण के लिए Standard Operating Procedure (SOP) जारी की गई है।
इसी SOP के तहत परिवहन विभाग ने NCR क्षेत्र में पुराने वाहनों के खिलाफ विशेष और सघन प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। अभियान में खास तौर पर 10 वर्ष की आयु पूरी कर चुके डीजल वाहनों और 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पेट्रोल वाहनों की पहचान और जांच की जा रही है।
गाजियाबाद संभाग में 2037 वाहन स्क्रैपिंग के लिए सुपुर्द
परिवहन विभाग की कार्रवाई का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। अभियान के तहत गाजियाबाद संभाग के चार जिलों में कुल 2037 आयु सीमा पूर्ण वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्र (RVSF) के माध्यम से स्क्रैप कराने के लिए सुपुर्द किया गया है।

जिलावार आंकड़ों की बात करें तो—
- गाजियाबाद – 704 वाहन
- गौतमबुद्धनगर – 618 वाहन
- बुलन्दशहर – 286 वाहन
- हापुड़ – 429 वाहन
इस तरह चारों जिलों को मिलाकर कुल 2037 वाहनों को नियमानुसार स्क्रैपिंग प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया गया है।
जांच सिर्फ वाहन की उम्र तक सीमित नहीं
सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), गाजियाबाद डॉ. सियाराम वर्मा के मुताबिक वाहनों की जांच के दौरान केवल वाहन की उम्र नहीं देखी जा रही, बल्कि उसके पंजीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विवरणों का परीक्षण किया जा रहा है।
अधिकारियों द्वारा वाहन का पंजीकरण संबंधी विवरण, प्रथम पंजीकरण की तिथि, ईंधन का प्रकार और अन्य आवश्यक अभिलेख देखे जा रहे हैं। किसी वाहन के संदिग्ध पाए जाने या आयु सीमा पूर्ण होने की स्थिति में उसके विवरण को वाहन पोर्टल और उपलब्ध अभिलेखों के माध्यम से सत्यापित किया जा रहा है।
सत्यापन के बाद नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
प्रमुख मार्गों से पार्किंग तक निगरानी
परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें केवल एक-दो स्थानों तक सीमित नहीं हैं। विभाग के अनुसार प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, व्यावसायिक क्षेत्रों, पार्किंग स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सघन वाहन जांच की जा रही है।
जांच के दौरान यदि कोई वाहन निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुका पाया जाता है तो उसके खिलाफ प्रचलित नियमों और जारी निर्देशों के अनुसार प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
यानी विभाग की कोशिश यह सुनिश्चित करने की है कि आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों का संचालन NCR की सड़कों पर नियमों के विपरीत न हो।

प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान निरुद्ध या जब्त किए जाने वाले वाहनों को लेकर भी SOP में विशेष व्यवस्था की गई है। विभाग के अनुसार ऐसे वाहनों का समुचित अभिलेखीकरण किया जा रहा है और उनकी सुरक्षित अभिरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
वाहन का पंजीकरण विवरण, वाहन स्वामी से संबंधित जानकारी और उसके खिलाफ की गई प्रवर्तन कार्रवाई का आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा रहा है।
विभाग का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य कार्रवाई को पारदर्शी और विधिसम्मत बनाए रखना है, ताकि वाहन को निरुद्ध करने से लेकर उसके परिवहन और अंतिम निस्तारण तक प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
RVSF संचालकों के साथ समन्वय
SOP को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्रों (RVSF) के संचालकों के साथ बैठकें और समन्वय भी किया जा रहा है।
RVSF संचालकों को निरुद्ध वाहनों की प्राप्ति, उनके सुरक्षित रखरखाव, अभिलेखीकरण और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण यानी स्क्रैपिंग को लेकर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसका मकसद यह है कि प्रवर्तन कार्रवाई के बाद वाहन कहीं अनधिकृत तरीके से इस्तेमाल या स्थानांतरित न हो और उसका निस्तारण तय प्रक्रिया के तहत ही किया जाए।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग, गाजियाबाद ने स्पष्ट किया है कि NCR में आयु सीमा पूर्ण वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। विभाग की टीमें पुराने वाहनों की पहचान और जांच को लेकर लगातार कार्रवाई करेंगी।
विभाग ने वाहन स्वामियों से भी अपील की है कि वे लागू नियमों और जारी निर्देशों का पालन करें तथा आयु सीमा पूर्ण हो चुके वाहनों का संचालन न करें।
अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत कितने और पुराने वाहन जांच के दायरे में आते हैं और NCR की सड़कों से End of Life वाहनों को हटाने की यह कार्रवाई किस स्तर तक पहुंचती है।
फिलहाल गाजियाबाद संभाग के चार जिलों में 2037 वाहनों का स्क्रैपिंग प्रक्रिया के लिए सुपुर्द किया जाना इस विशेष अभियान की अब तक की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
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