दिल्ली के ओखला फेज-1 इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार को ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट से हड़कंप मच गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, गाजियाबाद से कमर्शियल ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंची Tata 407 से सिलेंडर उतारकर गोदाम में रखे जा रहे थे, तभी धमाका हुआ। ब्लास्ट की असली वजह अभी साफ नहीं है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दिल्ली के ओखला फेज-1 इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार को अचानक हुए ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कम्युनिटी हॉल के पास हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
लेकिन इस हादसे में सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है—आखिर ऑक्सीजन सिलेंडर में धमाका किन परिस्थितियों में हुआ?
करीब 11:55 बजे मिली ब्लास्ट की सूचना
दिल्ली फायर सर्विसेज के मुताबिक, बुधवार को करीब 11 बजकर 55 मिनट पर ओखला फेज-1 के इंडस्ट्रियल एरिया में कम्युनिटी हॉल के पास सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर चार फायर टेंडर पहुंचे।
एक अन्य अधिकारी के अनुसार, शुरुआत में तीन दमकल की गाड़ियां और एक मल्टी-कैजुअल्टी रिस्पॉन्स वाहन भेजा गया था। मौके पर पहुंची टीमों ने स्थिति को संभाला और राहत-बचाव का काम शुरू किया।
हादसे में एक व्यक्ति ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं चार लोग घायल हुए। घायलों को CATS एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
DD नंबर 36A से थाने को मिली सूचना
घटना की जानकारी DD नंबर 36A के जरिए ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने को मिली। इसके बाद जांच अधिकारी, थाना प्रभारी, ACP, ERV और PCR की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और हादसे से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई, ताकि ब्लास्ट के बाद किसी तरह की दूसरी घटना का खतरा न रहे।
D-23 परिसर में चल रहा था सिलेंडर उतारने का काम
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि D-23 परिसर का इस्तेमाल SM Traders नाम की फर्म गोदाम के तौर पर करती है।
हादसे के वक्त SM Traders के नाम पर रजिस्टर्ड Tata 407, जिसका नंबर DL-1LAJ-3232 बताया गया है, गाजियाबाद से कमर्शियल ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर परिसर में पहुंची थी।
पुलिस के मुताबिक, वाहन से सिलेंडर उतारकर गोदाम के अंदर रखने का काम किया जा रहा था। उस समय उमेश, मोहित और पंकज नाम के कर्मचारी सिलेंडर उतारने में लगे थे। इसी दौरान ब्लास्ट हुआ।
अब जांच का अहम हिस्सा यही है कि सिलेंडर उतारते समय आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी, जिससे धमाका हुआ।
फायर ऑफिसर मनीष सहरावत ने बताई मौके की स्थिति
फायर ऑफिसर मनीष सहरावत के मुताबिक, ओखला फेज-1 के इंडस्ट्रियल एरिया से फायर की कॉल मिली थी। टीम जब मौके पर पहुंची तो पता चला कि सिलेंडर में ब्लास्ट हुआ है।
उन्होंने बताया कि एक दुकान में सिलेंडर उतारे जा रहे थे और उसी दौरान यह घटना हुई। उनके मुताबिक, करीब चार से पांच लोगों के घायल होने की सूचना थी। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच चल रही है और मौके पर चार दमकल की गाड़ियां मौजूद थीं।
SDM योगेश पाल बोले- एक की मौत, चार घायल
हादसे के बाद बदरपुर SDM योगेश पाल ने भी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है और चार लोग घायल हुए हैं।
SDM के मुताबिक, प्रशासन की ओर से परिसर के मालिक से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए।
आखिर कैसे हुआ ब्लास्ट? यही सबसे बड़ा सवाल
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां ब्लास्ट की वजह पता लगाने में जुटी हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि धमाका सिलेंडर में तकनीकी खराबी के कारण हुआ, सिलेंडर को उतारते समय किसी तरह की दुर्घटना हुई या फिर भंडारण और हैंडलिंग से जुड़े किसी सुरक्षा पहलू की अनदेखी हुई।
पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और आसपास मौजूद लोगों तथा कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
कुछ दिन पहले विवेक विहार में भी हुआ था अलग सिलेंडर ब्लास्ट
दिल्ली में सिलेंडर से जुड़ी यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले विवेक विहार में भी एक अलग हादसा सामने आया था। 30 अगस्त को छोटे LPG सिलेंडर में ब्लास्ट के बाद अनिल दास (35) और उनकी पत्नी खुशबू (30) झुलस गए थे। दोनों करीब 60 प्रतिशत तक झुलसे थे और उन्हें PCR की मदद से राजीव गांधी अस्पताल पहुंचाया गया था।
उस घटना में मौके पर दो वाटर टेंडर और एक वाटर बाउजर भेजे गए थे।
हालांकि विवेक विहार की घटना अलग थी और ओखला में मौजूदा मामला कमर्शियल ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट से जुड़ा है।
फिलहाल ओखला हादसे में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है और चार लोग घायल हैं। पुलिस की जांच जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में ब्लास्ट की असली वजह क्या सामने आती है और सिलेंडरों के परिवहन, उतारने और भंडारण के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था।
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