गाजियाबाद कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला सैनिक बन्धु बैठक में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। नगर मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने भूमि विवाद, अवैध कब्जे, बैंक संबंधी मामलों और लंबित शिकायतों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान को लेकर गाजियाबाद प्रशासन ने एक बार फिर संवेदनशीलता दिखाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सैनिक बन्धु बैठक में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों से जुड़े विभिन्न मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, बैंकिंग समस्याओं और राजस्व मामलों सहित कई लंबित शिकायतों पर चर्चा हुई तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक का आयोजन जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में किया गया, जबकि इसकी अध्यक्षता नगर मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कैप्टन (आई.एन.) राम प्रवेश सिंह सहित सेना, प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देने का संदेश
बैठक की शुरुआत जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कैप्टन राम प्रवेश सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, जिला सैनिक बन्धु समिति के सदस्यों, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल बैठक आयोजित करना नहीं, बल्कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने पिछली 22 मई 2026 को आयोजित जिला सैनिक बन्धु बैठक के बाद विभाग द्वारा किए गए कार्यों और विभिन्न मामलों में हुई प्रगति की भी जानकारी दी।
लंबित मामलों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में सबसे पहले पूर्व बैठकों में प्राप्त शिकायतों और आवेदन-पत्रों की समीक्षा की गई। नगर मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने प्रत्येक मामले पर संबंधित विभागों से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
पूर्व अधिकारी सुदेशपाल के बैंक संबंधी प्रकरण में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि मामला जल्द से जल्द निस्तारित किया जा सके।
भूमाफियाओं के कब्जे पर फिर होगी जांच
बैठक में पूर्व सैनिक एक्स सार्जेंट प्रवीन कुमार द्वारा खसरा संख्या 560 एवं 562 पर भूमाफियाओं द्वारा सीमेंट स्लैब डालकर किए गए कथित अवैध कब्जे का मामला भी प्रमुखता से उठा।
नगर मजिस्ट्रेट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी पूर्व सैनिक की भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है तो उसे कानून के अनुसार हटाया जाए।
यह निर्देश बैठक के महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल रहा।
भूमि विवादों के समाधान पर जोर
बैठक में लवकुश पुत्र त्रिलोक चंद के भूमि विवाद से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। नगर मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की सुनवाई करने और निष्पक्ष समाधान निकालने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार श्रीमती राजेन्द्र फौगाट, जो पूर्व सैनिक कृपाल सिंह की पत्नी हैं, द्वारा भूमि की दीवार गिराए जाने की शिकायत पर एसडीएम मोदीनगर से विस्तृत रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया गया।

कब्जा मुक्त कराने के निर्देश
पूर्व सैनिक नायक बसंत स्वरूप ने अपने पड़ोसी द्वारा किए गए कथित कब्जे की शिकायत दर्ज कराई थी।
इस मामले में नगर मजिस्ट्रेट ने डिप्टी रजिस्ट्रार को आवश्यक पत्राचार कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पूर्व सैनिक की संपत्ति को कब्जा मुक्त कराया जा सके।
महिपाल सिंह और राजेश कुमार के मामलों पर भी कार्रवाई
बैठक में हवलदार राजेश कुमार के मामले की समीक्षा करते हुए एसडीएम मोदीनगर से दोबारा रिपोर्ट मांगी गई।
वहीं पूर्व सैनिक महिपाल सिंह के प्लॉट से जुड़े विवाद में एसडीएम गाजियाबाद को आवश्यक कार्रवाई कर मामले का समाधान निकालने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
पूर्व सैनिकों से समय पर आवेदन देने की अपील
बैठक के समापन पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कैप्टन राम प्रवेश सिंह ने सभी अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों और बैठक में उपस्थित लगभग 40 पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
उन्होंने पूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जिला सैनिक बन्धु बैठक से दो दिन पूर्व जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में उपलब्ध करा दें, ताकि संबंधित विभागों से समय रहते रिपोर्ट मंगाकर बैठक में प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिक से अधिक पूर्व सैनिक इन बैठकों में भाग लें ताकि उनकी समस्याओं का सामूहिक रूप से समाधान किया जा सके।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सेना और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय भी देखने को मिला।
इस दौरान स्टेशन मुख्यालय बाबूगढ़ छावनी के एडम कमांडेंट, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर सिद्धार्थ, जिला सैनिक बन्धु समिति के सदस्य तथा जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कर्मचारी उपस्थित रहे।
इनमें पवन कुमार (वरिष्ठ सहायक), विनोद कुमार, प्रियंका सिंह, रीतू सिंह, निपुण पायला, राकेश और पवन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
पूर्व सैनिकों के सम्मान के साथ समस्याओं के समाधान का भरोसा
बैठक के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। भूमि विवाद, अवैध कब्जा, बैंकिंग मामलों और राजस्व संबंधी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
जिला सैनिक बन्धु बैठक का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई करना है। प्रशासन का मानना है कि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
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