उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने हापुड़ के पिलखुआ थाना क्षेत्र से ₹1 लाख के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी रोहित को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट समेत 31 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसने वर्ष 2025 के चर्चित पिलखुआ लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी रोहित को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी हापुड़ के थाना पिलखुआ में दर्ज लूट के चर्चित मुकदमे में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹1 लाख का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी को 26 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 6:20 बजे पिलखुआ थाना क्षेत्र में बंद फाटक के पास स्थित पिलर नंबर-20 के निकट से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे संबंधित मुकदमे में स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गोपनीय सूचना बनी गिरफ्तारी की वजह
एसटीएफ मुख्यालय, लखनऊ द्वारा वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए प्रदेशभर की इकाइयों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार दीक्षित के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की टीम लगातार इनामी अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी।
निरीक्षक घनश्याम यादव, निरीक्षक आशुतोष कुमार त्रिपाठी, निरीक्षक ओम शंकर शुक्ला सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम हापुड़ जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख रुपये का इनामी अपराधी रोहित बंद फाटक के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने घेराबंदी कर आरोपी को बिना किसी बड़ी बाधा के गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कबूला पिलखुआ लूटकांड
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी रोहित ने वर्ष 2025 में हुई चर्चित लूट की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि 9 जून 2025 को उसने अपने साथियों छोटे, कुलदीप, संजय और सचिन के साथ मिलकर पिलखुआ क्षेत्र में एक इको कार को निशाना बनाया था।
आरोप है कि बदमाशों ने कार में सवार लोगों के साथ मारपीट की। इस दौरान एक व्यक्ति की उंगली में गंभीर चोट पहुंचाई गई और हथियार के बल पर वाहन में रखा बैग लूट लिया गया, जिसमें लगभग ₹56,000 नकद थे। इसके अलावा दो अन्य पीड़ितों से क्रमशः ₹5,000 और ₹2,000 भी लूट लिए गए।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ितों से एटीएम कार्ड का पिन भी पूछ लिया और बाद में खाते से ₹10,000 की निकासी कर ली। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन रोहित लगातार फरार चल रहा था।
31 से अधिक मुकदमों का हिस्ट्रीशीटर
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रोहित कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय एक कुख्यात अपराधी है। उसके खिलाफ हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और अलीगढ़ सहित विभिन्न जिलों में 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इन मामलों में लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, चोरी, लूट का माल रखने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2011 से लगातार आपराधिक मामले दर्ज होते रहे हैं। गैंगस्टर एक्ट के कई मुकदमों के अलावा उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप भी दर्ज हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय था गिरोह
जांच एजेंसियों का मानना है कि रोहित लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय अपराधी गिरोह का हिस्सा रहा है। बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़ और हापुड़ में दर्ज मुकदमे इस बात की ओर संकेत करते हैं कि आरोपी का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था।
एसटीएफ अब उसके अन्य साथियों और गिरोह की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
स्थानीय पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी को थाना पिलखुआ पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने उसे संबंधित मुकदमे में दाखिल कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और फरार साथियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। यदि पूछताछ में अन्य अपराधों का खुलासा होता है तो उन मामलों में भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेशभर में फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई भविष्य में भी इसी प्रकार जारी रहेगी ताकि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
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