उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इटावा दौरे के दौरान 604 करोड़ रुपये की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने सैफई मेडिकल संस्थान को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का सपना भाजपा सरकार ने पूरा किया। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, रोजगार, निवेश और विकास को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
इटावा के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जसवंतनगर, भरथना और इटावा विधानसभा क्षेत्र के लिए 604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, प्रमाण-पत्र, चिकित्सा कार्ड, टूलकिट और आवास की चाबियां भी वितरित कीं।
हालांकि यह कार्यक्रम केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और उसके शासनकाल पर तीखे राजनीतिक हमले करते हुए प्रदेश की वर्तमान सरकार के विकास मॉडल को प्रमुखता से रखा।
'मुलायम का सपना भाजपा ने पूरा किया'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान की परिकल्पना स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने की थी, लेकिन उनके बाद पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अखिलेश यादव इसे आगे नहीं बढ़ा सके।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लगभग 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक तैयार कराया, जबकि 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक भी बनवाया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे संस्थान तेजी से विकसित हो रहा है और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है।
सपा पर तीखा हमला, कार्यशैली पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले भी उत्तर प्रदेश में विकास की संभावनाएं थीं, लेकिन उसके लिए इच्छाशक्ति और समय की आवश्यकता थी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास जनता और विकास के लिए समय नहीं था, जिसके कारण प्रदेश और इटावा लंबे समय तक पहचान के संकट से जूझते रहे।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि आज इटावा के युवाओं को पूरे देश में वही सम्मान मिल रहा है जो उत्तर प्रदेश के अन्य विकसित जिलों के युवाओं को मिलता है।
'अपराध से विकास तक बदली उत्तर प्रदेश की पहचान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश अपराध, माफिया, दंगा, कर्फ्यू और अराजकता के लिए जाना जाता था। उनके अनुसार भाजपा सरकार बनने के बाद अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई, जिससे कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान "वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज", "वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी)" और "वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूज़ीन" जैसी योजनाओं से बन रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश अब निवेश, उद्योग और उत्सवों का केंद्र बन चुका है।
'सैफई सिंडिकेट' और परिवारवाद पर हमला
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले प्रदेश में "सैफई सिंडिकेट" का प्रभाव था और नौकरियों से लेकर विकास योजनाओं तक में पारदर्शिता नहीं थी। उन्होंने कहा कि पहले नियुक्तियां सिफारिश और पैसे के आधार पर होती थीं, जबकि वर्तमान सरकार में युवाओं को केवल योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों के खातों तक पहुंच रहा है और बीच के बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो चुकी है।
धार्मिक आस्था और सुरक्षा का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में धार्मिक आयोजनों और कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि वर्तमान सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सम्मान देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इटावा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत इटावा जिले के 540 गांवों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। चौथे चरण में 2.33 लाख परिवारों को हर घर नल योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि—
- इटावा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंबल नदी पर 296 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण जारी है।
- इटावा-कन्नौज एनएच-91ए परियोजना 344 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है।
- इटावा-कारी मार्ग पर एनएच-92 का निर्माण पूरा हो चुका है।
- रेलवे फ्लाईओवर, बाईपास, रेलवे ओवरब्रिज, औद्योगिक क्लस्टर और सड़क परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
- पैरामेडिकल आवासीय भवन निर्माण के लिए 90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

लाभार्थियों को वितरित किए प्रमाण-पत्र और सहायता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबी, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड, स्वयं सहायता समूहों के लिए वित्तीय सहायता, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के चेक, मुख्यमंत्री आवास योजना की चाबियां, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की टूलकिट, ओडीओपी के तहत वित्तीय सहायता तथा दिव्यांगजन योजना के चेक वितरित किए।
इस अवसर पर मंत्री बेबी रानी मौर्य, विधायक सरिता भदौरिया, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, विधान परिषद सदस्य प्रांशु दत्त द्विवेदी, मानवेंद्र सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। सरकार सभी 75 जिलों के संतुलित विकास के लिए काम कर रही है और गरीब, किसान, महिला तथा युवा सरकार की प्राथमिकता हैं।
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