पटना में 18 वर्षीय NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में मिले संकेतों के बाद मामला और पेचीदा हो गया है।
पटना में 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत का मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पास पहुंच गया है। एजेंसी ने इस केस में 7S/26 नंबर से FIR दर्ज कर कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। CBI की टीम पटना से इस मामले से जुड़ी सभी फाइलें लेकर दिल्ली रवाना हो गई है।
यह घटना जनवरी 2026 की है। जहानाबाद की रहने वाली छात्रा 6 जनवरी को चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल के अपने कमरे में बेहोश मिली थी। उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर रही और 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट में नींद की गोलियों की अधिक मात्रा और टाइफाइड को मौत का कारण बताया गया था।

परिवार ने यौन उत्पीड़न और मामले को दबाने का आरोप लगाया। 9 जनवरी को FIR दर्ज हुई। विरोध प्रदर्शन और प्रशांत किशोर के हस्तक्षेप के बाद SIT का गठन किया गया। 12 जनवरी को PMCH में हुए पोस्टमॉर्टम में चोट, खरोंच और संघर्ष के निशान मिले, हालांकि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। बाद में कपड़ों की फोरेंसिक जांच में स्पर्म के निशान पाए गए।
हॉस्टल को सील कर दिया गया, मालिक और एक कर्मचारी गिरफ्तार हुए, जबकि लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया। SIT ने 20 से अधिक संदिग्धों के DNA सैंपल लिए हैं और 8 अन्य की जांच प्रस्तावित है। छात्रा का मोबाइल, डायरी और CCTV फुटेज भी जांच में शामिल हैं। फोन में साइनाइड और नींद की गोलियों से जुड़े सर्च मिले हैं।
31 जनवरी को बिहार सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की थी और फरवरी की शुरुआत में CBI ने केस संभाल लिया।
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