उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 26 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक, बैठक में उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री के आगामी कार्यक्रमों, BIDA झांसी के उद्घाटन और कई बड़े प्रोजेक्ट के उद्घाटन-शिलान्यास को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद सीएम योगी की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की खबर है। चुनावी तैयारियों के बीच मंत्रियों की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से बैठकें भी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही हैं और इसी बीच शनिवार को दिल्ली में हुई एक मुलाकात ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब एक घंटे चली, जिसकी जानकारी सामने आने के बाद यूपी की राजनीति में इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की जानकारी देते हुए लिखा कि उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन को 'नए उत्तर प्रदेश' के निर्माण के लिए नई ऊर्जा देने वाला बताया और मुलाकात के लिए उनका आभार जताया।
PM मोदी के यूपी कार्यक्रमों पर भी मंथन?
सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के हाथों BIDA झांसी का उद्घाटन कराने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा प्रदेश में कई बड़े प्रोजेक्ट के उद्घाटन और शिलान्यास भी प्रधानमंत्री के हाथों कराने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि इन संभावित कार्यक्रमों की अंतिम रूपरेखा और तारीखों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
यूपी में विकास परियोजनाओं के साथ-साथ आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी राजनीतिक एजेंडे का अहम हिस्सा बनी हुई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।
PM मोदी से पहले भी हो चुकी है मुलाकात
यह पहली बार नहीं है जब हाल के महीनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की हो।
इससे पहले 8 अगस्त 2026 को भी सीएम योगी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उस समय भी प्रधानमंत्री कार्यालय ने दोनों नेताओं की मुलाकात की पुष्टि की थी।
अब सितंबर में एक और मुलाकात के बाद यूपी की आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
JP नड्डा और नितिन नबीन से भी मुलाकात
PM मोदी से मुलाकात के अलावा दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकों का सिलसिला भी चर्चा में है।
आपके इनपुट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जेपी नड्डा से भी मुलाकात हुई। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ भी यूपी की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति को लेकर बातचीत हुई।

हाल के दिनों में नितिन नबीन उत्तर प्रदेश में संगठन की तैयारियों को लेकर सक्रिय रहे हैं। 21 सितंबर को मेरठ में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर तक संगठन की तैयारियों की समीक्षा की थी।
यानी दिल्ली की बैठकों को यूपी में सरकार और संगठन के बीच तालमेल तथा चुनावी तैयारियों के व्यापक सिलसिले का हिस्सा माना जा रहा है, हालांकि हर बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यूपी सरकार के मंत्रियों से भी हुई संगठन पर चर्चा
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों की भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात भी हुई।
सूत्रों के मुताबिक, बैठकों में चुनाव की तैयारियों के दौरान जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के सामने आ रही दिक्कतों और अलग-अलग सामाजिक समूहों से जुड़े समीकरणों पर चर्चा हुई।
मंत्रियों से इन मुद्दों पर फीडबैक लेने और जहां जरूरी हो, वहां सुधार करने को कहा गया।
पार्टी स्तर पर बूथ तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ाने और पिछले लोकसभा चुनाव में सामने आई कमियों से सीख लेकर आगे की रणनीति तैयार करने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है।
विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने की भी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, चुनावी तैयारियों में विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर पार्टी की रणनीति भी चर्चा का हिस्सा है।
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाई हैं और बूथ, मंडल तथा जिला स्तर पर तैयारियों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि इन बैठकों में हुई हर चर्चा का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए चुनावी रणनीति से जुड़े कई बिंदु फिलहाल सूत्रों पर आधारित हैं।
आगे भी दिल्ली में हो सकती हैं बैठकें
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश सरकार के दूसरे मंत्रियों को भी दिल्ली बुलाकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकें कराई जा सकती हैं।
इन बैठकों में सरकार और संगठन के बीच तालमेल, कार्यकर्ताओं की स्थिति, जमीनी फीडबैक और चुनावी तैयारियों को लेकर जानकारी ली जा सकती है।
यानी आने वाले दिनों में दिल्ली और लखनऊ के बीच बैठकों का यह सिलसिला और तेज होने की संभावना बताई जा रही है।
मंत्रियों ने भी बताई मुलाकात की वजह
मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात उनके लिए हमेशा मार्गदर्शन और प्रेरणा का अवसर होती है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात हुई और प्रदेश की परिस्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई।
वहीं मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री के साथ होने वाली मुलाकातों को भी उनके लिए प्रेरणादायक बताया।
इन बयानों के बीच यूपी में सरकार और संगठन के स्तर पर आगामी राजनीतिक तैयारियों को लेकर गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
अब नजर आने वाले दिनों की गतिविधियों पर
26 सितंबर की दिल्ली मुलाकात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत को शिष्टाचार भेंट बताया है। दूसरी ओर, सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के संभावित यूपी कार्यक्रमों और बड़े प्रोजेक्ट के उद्घाटन-शिलान्यास को लेकर भी चर्चा हुई है।
इसके साथ ही जेपी नड्डा और नितिन नबीन से मुलाकात तथा मंत्रियों के साथ संगठनात्मक बैठकों ने यूपी में 2027 की तैयारियों को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया है।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इन बैठकों का असर किन कार्यक्रमों, संगठनात्मक फैसलों और जमीनी तैयारियों के रूप में सामने आता है।
COMMENTS