मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने टोक्यो में Mitsui & Co. प्रबंधन से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में परिवर्तनकारी निवेश का आमंत्रण दिया; लॉजिस्टिक्स व मेडिकल डिवाइस सेक्टर में भी सहयोग पर चर्चा।
उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने जापान दौरे के पहले दिन वैश्विक निवेश संवाद की मजबूत शुरुआत की। जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने के बाद उन्होंने अग्रणी वैश्विक ट्रेडिंग और निवेश कंपनी Mitsui & Co. के शीर्ष प्रबंधन से उच्चस्तरीय बैठक कर राज्य में परिवर्तनकारी निवेश अवसरों को तलाशने का औपचारिक आमंत्रण दिया।
बैठक में चार उभरते सेक्टर्स पर रणनीतिक फोकस रखा गया। पहला—नवीकरणीय ऊर्जा, जिसमें सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं। दूसरा—आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी), जिसके अंतर्गत आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश पर विस्तृत चर्चा हुई। तीसरा—सेमीकंडक्टर, जहां चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन के विस्तार की संभावनाएं रेखांकित की गईं। चौथा—डेटा सेंटर, जिसमें हाइपर-स्केल डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी हब के विकास पर गहन विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने दीर्घकालिक साझेदारी का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य की उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, विस्तृत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स का उल्लेख करते हुए निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण का भरोसा दिलाया। उद्योग समर्थक नीतियां, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया को उन्होंने निवेशकों के लिए विश्वास का आधार बताया।
जापान में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने सांस्कृतिक भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार।”

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने Konoike Transport Co., Ltd. के वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी शिगेकी तानाबे से भी मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और मल्टीमॉडल परिवहन अवसंरचना में निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही, कोनोइके को प्रदेश में विकसित मेडिकल डिवाइस पार्क में मेडिकल उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करने का निमंत्रण दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में निवेश से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को नई गति मिलेगी और तकनीक, नवाचार तथा रोजगार सृजन के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सुरक्षित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख निवेश वातावरण प्रदान करता है।

जापान दौरे की इस पहल ने संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक निवेश मॉडल से आगे बढ़कर हाई-टेक, हरित और डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। टोक्यो से शुरू हुई यह रणनीतिक पहल आने वाले समय में राज्य की औद्योगिक तस्वीर को बदल सकती है।
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