दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी से अलग होकर बनी इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) का भारतीय जनता पार्टी में औपचारिक विलय हो गया है। पार्टी अध्यक्ष मुकेश गोयल समेत सभी 16 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस विलय के बाद एमसीडी में भाजपा के पार्षदों की संख्या बढ़कर 139 हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इसे दिल्ली के विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बढ़ते विश्वास का परिणाम बताया।
दिल्ली की राजनीति में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) का औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय कर दिया गया। इस विलय के साथ ही पार्टी अध्यक्ष मुकेश गोयल सहित सभी 16 नगर निगम पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) में भाजपा के पार्षदों की संख्या बढ़कर 139 हो गई है।
विलय की घोषणा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। इस अवसर पर सभी 16 पार्षद भी उपस्थित रहे।
17 मई 2025 को बनी थी इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी
इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन 17 मई 2025 को हुआ था। यह पार्टी आम आदमी पार्टी से अलग हुए 16 निगम पार्षदों ने मुकेश गोयल के नेतृत्व में बनाई थी। अब करीब डेढ़ महीने बाद पार्टी ने भाजपा में विलय का निर्णय लिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मुकेश गोयल ने एक दिन पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर अपनी पार्टी के भाजपा में विलय का प्रस्ताव रखा था। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की स्वीकृति मिलने के बाद इस विलय को औपचारिक रूप दिया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
विलय कार्यक्रम में दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, दिल्ली नगर निगम में नेता सदन जयभगवान यादव, दिल्ली भाजपा के महामंत्री विष्णु मित्तल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल हुए अधिकांश पार्षद अनुभवी हैं और उनका अनुभव नगर निगम के कामकाज में उपयोगी साबित होगा।
कार्यक्रम की व्यवस्थाएं कार्यालय मंत्री बृजेश राय, अमित गुप्ता तथा प्रवक्ता यासिर जिलानी और शुभेन्दु शेखर अवस्थी ने संभाली।
हर्ष मल्होत्रा ने क्या कहा?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इसे दिल्ली की राजनीति का महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बताते हुए कहा कि इस विलय से दिल्ली के 16 वार्डों के लगभग 11 से 12 लाख नागरिक सीधे भाजपा सरकार के विकास कार्यों से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन अलग पहचान के साथ किया गया था, लेकिन पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को महसूस हुआ कि अलग रहकर वे अपने क्षेत्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों का पूरा लाभ नहीं दिला पा रहे थे। इसी सोच के साथ भाजपा से बातचीत शुरू हुई और अंततः पार्टी का विलय हो गया।

उन्होंने कहा कि यह विलय किसी राजनीतिक दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि जनता को विकास से जोड़ने की इच्छा का परिणाम है।
'पहली बार सभी पार्षदों को मिला एक-एक करोड़ रुपये का फंड'
हर्ष मल्होत्रा ने दावा किया कि दिल्ली के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी भी दल के निगम पार्षद को समान रूप से एक-एक करोड़ रुपये का विकास फंड दिया गया।
उन्होंने कहा कि इसी कारण इस बार दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं पहले की तुलना में काफी कम देखने को मिलीं। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की कार्यशैली का उदाहरण बताते हुए कहा कि दिल्ली में बेहतर प्रशासन संभव है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाजपा में शामिल हुए सभी पार्षदों और उनके समर्थकों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें भाजपा परिवार में पूरा सम्मान मिलेगा और उन्हें जनता की सेवा करने का पूरा अवसर भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने इन पार्षदों के साथ कभी सत्ता पक्ष तो कभी विपक्ष में काम किया है और उनकी कार्यक्षमता से भलीभांति परिचित हैं।
रेखा गुप्ता ने कहा कि अब इन सभी वार्डों के लोगों को दिल्ली की ट्रिपल इंजन सरकार के विकास कार्यों का पूरा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में भी एक बड़ी राजनीतिक इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए भाजपा का दामन थामा था और अब दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का विलय भी प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और विकास मॉडल पर भरोसे का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली दोनों जगह भाजपा की सरकार होने से राजधानी के विकास को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सत्ता सेवा का माध्यम है" वाले संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य वर्षों से उपेक्षित दिल्ली को नई दिशा देना है।

मुकेश गोयल ने AAP पर साधा निशाना
इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी के अध्यक्ष मुकेश गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2023 में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद उन्हें नगर निगम में नेता सदन बनाया गया था, लेकिन वह कार्यकाल उनके लिए "काला दिन" साबित हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान विकास कार्यों के बजाय केवल बयानबाजी होती रही। सड़क और जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ और निगम पार्षदों को वार्षिक विकास बजट तक उपलब्ध नहीं कराया गया।
मुकेश गोयल ने कहा कि जब दिल्ली में रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी तो राजनीतिक माहौल बदलने लगा। भाजपा ने उनकी नई पार्टी को भी सहयोग दिया, जिसके बाद सभी 16 पार्षदों ने सर्वसम्मति से बिना किसी शर्त भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।
भाजपा में शामिल होने वाले 16 पार्षद
भाजपा में शामिल हुए पार्षदों में शामिल हैं—
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वार्ड 15 – मुकेश गोयल
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वार्ड 181 – हेमचंद गोयल
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वार्ड 196 – देवेन्द्र कुमार
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वार्ड 72 – उषा शर्मा
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वार्ड 2 – दिनेश कुमार
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वार्ड 22 – सुमन अनिल राणा
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वार्ड 33 – मनीषा जसवीर कराला
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वार्ड 43 – बाबी जी
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वार्ड 88 – रूनाकक्षी शर्मा
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वार्ड 99 – राजेश लाडी
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वार्ड 107 – साहिब कुमार
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वार्ड 108 – राखी यादव
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वार्ड 148 – कमल भारद्वाज
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वार्ड 149 – लीना कुमार
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वार्ड 153 – हिमानी जैन
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वार्ड 109 – अशोक पांडेय
राजनीतिक मायने
इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय दिल्ली नगर निगम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे भाजपा की नगर निगम में संख्या और संगठनात्मक स्थिति मजबूत हुई है। वहीं, आम आदमी पार्टी के लिए यह राजनीतिक दृष्टि से एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उसके पूर्व पार्षद अब भाजपा के साथ आ गए हैं।
आने वाले समय में इस बदलाव का असर नगर निगम की कार्यप्रणाली, स्थानीय राजनीति और दिल्ली की व्यापक राजनीतिक रणनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
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