नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने राज्य की ऊर्जा उपलब्धियों, सोलर विस्तार और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत किया।
नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में उत्तर प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी बढ़ती ताकत का दमदार प्रदर्शन किया। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने इस प्रतिष्ठित मंच पर प्रदेश की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए साफ संकेत दिया कि यूपी अब देश के ऊर्जा मानचित्र पर तेजी से उभरता हुआ अग्रणी राज्य बन चुका है।
यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित इस समिट में ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के ऊर्जा मंत्री और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान मंत्री ए के शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार उच्च मानकों पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि बीते वर्ष भीषण गर्मी के दौरान उत्तर प्रदेश ने देश की सबसे अधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस वर्ष इससे भी अधिक मांग को पूरा करने के लिए व्यापक तैयारियां की जा चुकी हैं। ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य ने पिछले एक साल में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत राज्य देश में प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में पहले स्थान पर है। इसके अलावा यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को स्थायी रूप से पूरा किया जा सके।
उन्होंने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-2 परियोजना में उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। साथ ही ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-3 परियोजना को जल्द मंजूरी देने का भी अनुरोध किया गया है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा के ट्रांसमिशन को और मजबूत किया जा सके।
ऊर्जा प्रबंधन में सुधार की दिशा में राज्य ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मंत्री ने बताया कि प्रदेश के पावर प्लांट्स अब तक के उच्चतम 85% पीएलएफ पर संचालित हो रहे हैं और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके अलावा लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर उपभोक्ता तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना है। इसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में लगातार सुधार, नवाचार और निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अन्य राज्यों के ऊर्जा मंत्री, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेंद्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल और प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में उत्तर प्रदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह न सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि देश के लिए एक मजबूत ऊर्जा केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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