उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक Umashankar Singh के लखनऊ और बलिया स्थित ठिकानों पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह छापा मारा। 50 से अधिक अधिकारी वित्तीय दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब आयकर विभाग की टीमों ने बसपा के इकलौते विधायक Umashankar Singh के आवास और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग की टीमें सुबह करीब सात बजे तीन गाड़ियों से लखनऊ के Gomti Nagar स्थित विधायक आवास पर पहुंचीं। छापेमारी में तीन दर्जन से अधिक अधिकारी और पुलिस बल शामिल रहा। बाद में अधिकारियों की संख्या 50 से अधिक बताई गई, जो दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच में जुटे हैं।
टीम ने आवास और कार्यालय परिसर को घेर लिया तथा आने-जाने पर रोक लगा दी। सूत्रों के अनुसार, कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कब्जे में भी लिया गया है। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह छापेमारी केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रही। आयकर विभाग ने बलिया समेत अन्य स्थानों पर भी एक साथ कार्रवाई की। बलिया में विधायक के आवास और प्रतिष्ठानों पर भी जांच जारी है। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम ने परिसर को सीलनुमा घेराबंदी में लेकर रिकॉर्ड खंगालने की प्रक्रिया शुरू की।

सूत्रों के अनुसार, विभाग वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर उमाशंकर सिंह के खिलाफ जांच शुरू की थी। हालांकि, मौजूदा आयकर छापेमारी का उस जांच से सीधा संबंध है या नहीं, इस बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
Umashankar Singh बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से 2022 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। वे लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। वर्तमान में वह गंभीर रूप से कैंसर से पीड़ित हैं और लखनऊ स्थित आवास पर रहकर उपचार करा रहे हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
बलिया स्थित उनके एक प्लांट में भी जांच एजेंसियों की टीम पहुंची। हालांकि, परिसर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। बताया जा रहा है कि वहां भी दस्तावेजों की जांच जारी है।
इस अचानक हुई कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर हलचल देखी जा रही है। विपक्षी दलों की नजरें अब इस जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
फिलहाल आयकर विभाग की जांच जारी है और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
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