मिडिल ईस्ट तनाव के बीच Nayara Energy ने पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। बढ़ती कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका, कई शहरों में 100 के पार पहुंचा पेट्रोल।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा झटका सामने आया है। देश की प्रमुख निजी ईंधन कंपनी Nayara Energy ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद आम लोगों पर महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
6500 से ज्यादा पेट्रोल पंप, बड़ा असर तय
Nayara Energy के देशभर में करीब 6500 से अधिक पेट्रोल पंप (रिटेल आउटलेट) हैं। यह कंपनी भारत में निजी क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनिंग और रिटेल नेटवर्क कंपनी मानी जाती है। ऐसे में इसके द्वारा बढ़ाई गई कीमतों का असर बड़े स्तर पर देखने को मिल सकता है।
पहले भी बढ़े थे प्रीमियम पेट्रोल के दाम
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले यानी 20 मार्च को सरकारी तेल कंपनियों—Indian Oil Corporation और Bharat Petroleum—ने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में ₹2 से ₹2.30 प्रति लीटर तक की वृद्धि की थी।
हालांकि उस समय सामान्य पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन अब निजी कंपनियों की इस बढ़ोतरी ने संकेत दे दिया है कि ईंधन बाजार पर वैश्विक परिस्थितियों का असर लगातार बढ़ रहा है।

क्या बढ़ेगा महंगाई का दबाव?
ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे खाद्य वस्तुओं से लेकर रोजमर्रा के सामान तक के दाम बढ़ सकते हैं।
इसके साथ ही औद्योगिक डीजल की कीमतों में भी इजाफा किया गया है, जिससे उद्योगों पर लागत का दबाव और बढ़ने की संभावना है।
शहरों में क्या है नया हाल?
बढ़ी हुई कीमतों के बाद देश के कई शहरों में पेट्रोल के दाम 100 रुपये के पार पहुंच गए हैं।
- Hyderabad में पेट्रोल ₹107.46 प्रति लीटर तक पहुंच गया है
- Mumbai और Kolkata जैसे महानगरों में भी पेट्रोल ₹100 के पार बिक रहा है
इससे साफ है कि आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।
ईरान तनाव और ऊर्जा संकट
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, खासकर Strait of Hormuz से जुड़ी स्थिति, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर डाल रही है।
इस अहम समुद्री मार्ग के प्रभावित होने से भारत समेत कई देशों के सामने ऊर्जा संकट गहराने लगा है, क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

राहत की कुछ उम्मीद?
हालांकि, Tehran ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बावजूद भारत, पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत को कुछ हद तक राहत मिल सकती है और तेल आपूर्ति व्यवस्था को आंशिक रूप से स्थिर करने में मदद मिल सकती है।
जमीन पर संकट के संकेत
हालात का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखने लगा है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे ईंधन की संभावित कमी का अंदेशा बढ़ गया है।
इसके साथ ही LPG की किल्लत की खबरें भी सामने आ रही हैं। कमर्शियल गैस सप्लाई में कटौती के कारण होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह महंगाई का सिर्फ शुरुआत है, या आने वाले दिनों में और बड़े झटके बाकी हैं?
COMMENTS