लगातार करीब 20 घंटे हुई बारिश के बाद नोएडा के कुछ इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आईं। नोएडा प्राधिकरण ने तत्काल 10 वर्क सर्किल टीमों को सक्रिय कर जेसीबी, पोकलेन, सुपर सकर और अन्य मशीनों की मदद से जलनिकासी कराई। सभी अंडरपासों को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है, जबकि 24x7 कॉल सेंटर और क्विक रिस्पॉन्स टीम भी सक्रिय कर दी गई है।
करीब 20 घंटे तक लगातार हुई बारिश के बाद नोएडा के कुछ हिस्सों में जलभराव की शिकायतें सामने आने पर नोएडा प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे शहर में व्यापक स्तर पर जलनिकासी अभियान शुरू कर दिया। प्राधिकरण ने दावा किया है कि शिकायत मिलते ही सभी संबंधित विभागों और वर्क सर्किल टीमों को मौके पर भेजा गया, जिसके बाद अधिकांश प्रभावित स्थानों पर पानी की निकासी कर यातायात और आम जनजीवन को सामान्य बनाया गया।
प्राधिकरण के अनुसार लगातार हुई वर्षा के बावजूद पूर्व तैयारियों और त्वरित कार्रवाई के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव की स्थिति को नियंत्रित रखा गया।
10 वर्क सर्किल टीमें तुरंत हुईं सक्रिय
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, बारिश के दौरान जहां-जहां जलभराव की शिकायतें प्राप्त हुईं, वहां 10 वर्क सर्किलों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और अपने-अपने क्षेत्रों में जलनिकासी का कार्य शुरू किया।
टीमों ने विभिन्न स्थानों पर मशीनरी की सहायता से नालों का बहाव सुचारु कराया ताकि वर्षा का पानी तेजी से निकल सके और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

जेसीबी, पोकलेन, हाईवा और सुपर सकर से चला अभियान
जलभराव से निपटने के लिए प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया।
कार्रवाई के दौरान—
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जेसीबी मशीनें
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हाईवा
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पोकलेन
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सुपर सकर
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अन्य जलनिकासी उपकरण
लगाकर नालों की सफाई और पानी की निकासी सुनिश्चित की गई।
प्राधिकरण का कहना है कि मशीनों की मदद से अवरुद्ध नालों का बहाव तेजी से बहाल किया गया, जिससे जलभराव की स्थिति में काफी सुधार हुआ।
सभी अंडरपासों को कराया गया यातायात के लिए सुरक्षित
बारिश के दौरान शहर के अंडरपासों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने विशेष व्यवस्था की।
सभी प्रमुख अंडरपासों पर जनरेटर लगाकर लगातार पंपिंग के माध्यम से पानी बाहर निकाला गया।
इसके बाद सभी अंडरपासों को दोबारा यातायात के लिए सुरक्षित और सुगम बनाकर आम जनता के लिए खोल दिया गया।
28 लो-लाइंग क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
जल विभाग द्वारा पहले से चिन्हित 28 लो-लाइंग (निचले) क्षेत्रों में बारिश शुरू होने के साथ ही विशेष निगरानी रखी गई।
इन सभी स्थानों पर पहले से डीजल पंपसेट स्थापित किए गए थे, जिनकी सहायता से लगातार पानी की निकासी होती रही।
प्राधिकरण का दावा है कि इसी पूर्व तैयारी के कारण इन संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े स्तर पर जलभराव नहीं होने दिया गया।

104 मुख्य नालों पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान
नोएडा शहर के 104 प्रमुख नालों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 320 किलोमीटर है, पर लगातार सफाई और जलनिकासी का कार्य चलाया जा रहा है।
इसके लिए प्राधिकरण ने—
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42 जेसीबी मशीनें
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2 पोकलेन मशीनें
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102 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
तैनात की हैं।
इन मशीनों के माध्यम से नालों से सिल्ट और अन्य अवरोध हटाकर जल प्रवाह को सामान्य बनाए रखने का कार्य किया जा रहा है।
बेसमेंट में जलभराव की शिकायतों पर भी तुरंत कार्रवाई
लगातार बारिश के दौरान शहर के कुछ भवनों के बेसमेंट में पानी भरने की शिकायतें भी प्राप्त हुईं।
प्राधिकरण के अनुसार संबंधित टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया और पंपिंग मशीनों की मदद से पानी निकालकर स्थिति सामान्य की गई।
कवर्ड नालों की सफाई का 80 प्रतिशत कार्य पूरा
बरसात के मौसम को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण शहर के कवर्ड नालों की सफाई का कार्य भी तेजी से करा रहा है।
इस कार्य के लिए 5 सुपर सकर मशीनें लगातार तैनात हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक अब तक डिसिल्टिंग का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
24x7 कॉल सेंटर और क्विक रिस्पॉन्स टीम सक्रिय
जलभराव की शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने 24 घंटे संचालित कॉल सेंटर भी स्थापित किया है।
शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है—
0120-2423795
इस नंबर पर शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव की सूचना दी जा सकती है।

प्राधिकरण ने इसके साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी गठित की है।
शिकायत मिलते ही यह टीम सभी आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर जलनिकासी और समस्या के समाधान की कार्रवाई करती है।
स्वच्छता पर भी विशेष जोर
बरसात के दौरान जलभराव के साथ-साथ सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में कूड़ा निस्तारण को भी प्राथमिकता दी है।
प्राधिकरण के अनुसार—
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प्रतिदिन डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन किया जा रहा है।
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हर दिन लगभग 900 टन घरेलू कचरे का संग्रहण कर उसका निस्तारण कराया जा रहा है।
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इसके अलावा प्रतिदिन करीब 400 टन निर्माण एवं विध्वंस (C&D) वेस्ट का भी वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य वर्षा ऋतु में स्वच्छता बनाए रखना और जलभराव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रोकना है।
प्राधिकरण का दावा—तैयारियों से कम हुई परेशानी
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि लगातार 20 घंटे तक हुई बारिश के बावजूद पहले से की गई तैयारियों, मशीनों की उपलब्धता, लो-लाइंग क्षेत्रों की निगरानी, अंडरपासों से समय पर जलनिकासी और 24x7 निगरानी व्यवस्था के कारण शहर में स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव या नालों से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना तुरंत कॉल सेंटर पर दें, ताकि टीम मौके पर पहुंचकर तत्काल समाधान सुनिश्चित कर सके।
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