दिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम जिला एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने एक शातिर ऑटो लिफ्टर और चोरी के वाहनों के रिसीवर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर 5 चोरी की मोटरसाइकिल और 3 चोरी की स्कूटी बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोरी के 8 मामलों का खुलासा हुआ है।
राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक शातिर ऑटो लिफ्टर और चोरी के वाहनों को खरीदकर उनके पुर्जे बेचने वाले कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर 5 चोरी की मोटरसाइकिल और 3 चोरी की स्कूटी बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोरी के 8 अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ है।
300 से अधिक CCTV कैमरों की जांच के बाद मिली सफलता
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के अनुसार क्षेत्र में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए एएटीएस टीम को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। टीम को चोरी की घटनास्थलों का निरीक्षण करने, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने और सक्रिय वाहन चोरों के संबंध में खुफिया जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में निरीक्षक राम कुमार, प्रभारी एएटीएस (दक्षिण-पश्चिम जिला) के नेतृत्व तथा एसीपी (ऑपरेशंस) संगमित्रा के निकट पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई।
इस टीम में—
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एएसआई विनोद कुमार
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एएसआई धर्मेंद्र
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हेड कांस्टेबल मोहित
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हेड कांस्टेबल नरेंद्र
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हेड कांस्टेबल देवेंद्र
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हेड कांस्टेबल रविंदर
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हेड कांस्टेबल प्रदीप
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हेड कांस्टेबल प्रशांत
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हेड कांस्टेबल मनोज मोरल
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कांस्टेबल प्रवीण
शामिल थे।
पुलिस टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय स्तर पर खुफिया सूचना एकत्र की। इसी दौरान एक सक्रिय वाहन चोर दिलदार सिंह उर्फ मीणा की पहचान की गई।
गुप्त सूचना पर बिछाया जाल, चोरी की बाइक सहित दबोचा गया आरोपी
पुलिस को 8 जुलाई 2026 को एक गुप्त सूचना मिली कि आरोपी चोरी की मोटरसाइकिल के साथ इलाके में आने वाला है।
सूचना के आधार पर एएटीएस टीम ने जाल बिछाया और दिलदार सिंह उर्फ मीणा को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
वाहन की जांच करने पर पता चला कि वह मोटरसाइकिल ई-एफआईआर संख्या 032065/25, धारा 305(बी) भारतीय न्याय संहिता (BNS), थाना पालम विलेज में दर्ज वाहन चोरी के मामले से संबंधित थी।
पूछताछ में खुला चोरी के वाहनों का बड़ा नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने उन स्थानों की जानकारी दी, जहां उसने चोरी के अन्य वाहन छिपाकर रखे थे।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने—
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2 चोरी की स्कूटी
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1 चोरी की मोटरसाइकिल
बरामद की।
आगे की पूछताछ में आरोपी ने उस व्यक्ति का भी खुलासा किया, जिसे वह चोरी के वाहन बेचता था।
कबाड़ी भी गिरफ्तार, पुर्जे निकालकर बेचता था चोरी के वाहन
दिलदार सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने विष्णु, निवासी किशनगढ़, दिल्ली को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि विष्णु पिछले 5 से 6 वर्षों से कबाड़ का कारोबार कर रहा था।
वह चोरी की दोपहिया गाड़ियां खरीदता था, उन्हें खोलकर उनके पुर्जे अलग करता और बाद में विभिन्न खरीदारों को बेच देता था।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने—
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3 चोरी की मोटरसाइकिल
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1 चोरी की स्कूटी
बरामद की।

कौन है दिलदार सिंह उर्फ मीणा?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिलदार सिंह उर्फ मीणा की उम्र 28 वर्ष है और वह दिल्ली के तिलक विहार का रहने वाला है।
उसने दसवीं तक पढ़ाई की है।
निजी नौकरी नहीं मिलने पर वह तिलक नगर इलाके में ऑटो रिक्शा चलाने लगा।
इसी दौरान उसका संपर्क असामाजिक तत्वों से हुआ और वह नशे का आदी बन गया।
नशे और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए उसने दोपहिया वाहन चोरी करना शुरू कर दिया और चोरी के वाहन विष्णु को बेचने लगा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से—
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एक लूट (Robbery) का मामला
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एक मारपीट (Quarrel) का मामला
थाना राजौरी गार्डन में दर्ज है।
कौन है विष्णु?
गिरफ्तार दूसरा आरोपी विष्णु दिल्ली के किशनगढ़ का रहने वाला है और उसकी उम्र 26 वर्ष है।
उसने भी दसवीं तक शिक्षा प्राप्त की है।
पिछले पांच से छह वर्षों से वह कबाड़ का व्यवसाय कर रहा था।
पुलिस के अनुसार वह वाहन चोरों से चोरी की बाइक और स्कूटी खरीदता था, उन्हें खोलकर उनके स्पेयर पार्ट्स बेच देता था, जिससे चोरी के वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुल—
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5 चोरी की मोटरसाइकिल
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3 चोरी की स्कूटी
बरामद की हैं।
इन आठ मामलों का हुआ खुलासा
इस कार्रवाई से पुलिस ने वाहन चोरी के निम्नलिखित मामलों का खुलासा किया है—
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ई-एफआईआर संख्या 032065/25, थाना पालम विलेज।
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ई-एफआईआर संख्या 022317/25, थाना सागरपुर।
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ई-एफआईआर संख्या 04227/26, थाना हरि नगर।
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ई-एफआईआर संख्या 014434/26, थाना तिलक नगर।
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ई-एफआईआर संख्या 033454/25, थाना महरौली।
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ई-एफआईआर संख्या 029101/25, थाना जामिया नगर।
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ई-एफआईआर संख्या 032650/25, थाना महरौली।
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ई-एफआईआर संख्या 027014/25, थाना उत्तम नगर।
इन सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(बी) के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
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