नोएडा के थाना सेक्टर-49 पुलिस ने दो शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर 10 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की हैं। आरोपी नोएडा और एनसीआर में रेकी कर बाइक चोरी करते थे और बाद में राह चलते लोगों को सस्ते दामों में बेच देते थे।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नोएडा और एनसीआर के विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें सस्ते दामों पर बेचने का धंधा कर रहा था। थाना सेक्टर-49 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर चोरी की 10 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले इलाके की रेकी करते थे, फिर मौका मिलते ही बाइक चोरी कर लेते थे और बाद में उन्हें अलग-अलग लोगों को बेच देते थे।
पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को थाना सेक्टर-49 पुलिस टीम बिजलीघर, सेक्टर-50 के पास संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनकी पहचान बलिन्दर पुत्र संतकुमार और विवेक पुत्र संजय के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों के जवाब संदिग्ध लगे, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार दोनों ने बाइक चोरी की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

5 जुलाई की बाइक चोरी से खुला पूरा नेटवर्क
दरअसल, 5 जुलाई 2026 को एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-49 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी मोटरसाइकिल सेक्टर-50 क्षेत्र से चोरी हो गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की थी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और बीट पुलिसिंग के माध्यम से लगातार निगरानी शुरू की। इसी जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पूछताछ में सामने आया चोरी का पूरा तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दोनों पहले नोएडा और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर ऐसी मोटरसाइकिलों की पहचान करते थे, जिन्हें आसानी से चोरी किया जा सके। रेकी पूरी होने के बाद वे मौका देखकर बाइक चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद सभी मोटरसाइकिलों को एक सुरक्षित स्थान पर इकट्ठा किया जाता था। जब कोई ग्राहक मिल जाता या उचित कीमत मिलने की संभावना होती, तब इन मोटरसाइकिलों को राह चलते लोगों या अन्य खरीदारों को कम कीमत पर बेच दिया जाता था।

पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें से कई मोटरसाइकिलों के संबंध में पहले से अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
बरामद मोटरसाइकिल UP42BC7894 के संबंध में थाना सेक्टर-49 में मुकदमा संख्या 186/2026 दर्ज है। वहीं UP14FY7226 के संबंध में थाना सेक्टर-20 में वाहन चोरी का मामला दर्ज है। UP14FM8138 के संबंध में थाना फेस-3 तथा UP14BY0042 के संबंध में थाना सेक्टर-39 में चोरी का मुकदमा पहले से दर्ज है। बाकी बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में भी पुलिस रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है, ताकि उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाकर वाहन वापस किए जा सकें।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पहला आरोपी बलिन्दर, पुत्र संतकुमार, मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के गोपालगंज गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह नोएडा के होशियारपुर गांव, थाना सेक्टर-49 क्षेत्र में रह रहा था। उसकी उम्र करीब 23 वर्ष है।

दूसरा आरोपी विवेक, पुत्र संजय, नोएडा के सेक्टर-51 स्थित होशियारपुर गांव का निवासी है और उसकी उम्र 19 वर्ष बताई गई है।
पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बलिन्दर के खिलाफ पहले भी थाना सेक्टर-39 में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो चुका है। वहीं विवेक के खिलाफ थाना सेक्टर-24 में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। अब दोनों के खिलाफ वाहन चोरी से संबंधित ताजा मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब तलाश रही है गिरोह के अन्य सदस्य
जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपी अकेले काम नहीं कर रहे थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की मोटरसाइकिलें खरीदने वाले लोग कौन थे और क्या इनके पीछे कोई बड़ा वाहन चोरी गिरोह सक्रिय है। साथ ही बरामद मोटरसाइकिलों का मिलान अन्य लंबित वाहन चोरी के मामलों से भी किया जा रहा है।
नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन पार्क करते समय सुरक्षा के सभी उपाय अपनाएं, व्हील लॉक और अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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