Saturday, July 11, 2026

Loan112 ऐप के नाम पर चल रहा था करोड़ों की ठगी का खेल! नोएडा के फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, दो साइबर ठग गिरफ्तार

अजनारा ली गार्डन सोसाइटी में चल रहा था फर्जी लोन कॉल सेंटर, Loan112 ऐप के जरिए अधिक लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी; पुलिस ने 3 मोबाइल फोन और डायरी बरामद की

noida , Latest Updated On - Jul 09 2026 | 18:00:00 PM
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ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी Loan112 ऐप के माध्यम से अधिक लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की है। पूछताछ में ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

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 साइबर अपराधियों ने अब लोगों की आर्थिक जरूरतों को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। आसान और अधिक लोन दिलाने का सपना दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का थाना बिसरख पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो Loan112 ऐप के माध्यम से लोगों को अधिक लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 8 जुलाई 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। पुलिस टीम ने अजनारा ली गार्डन सोसाइटी स्थित एक फ्लैट पर छापेमारी कर वहां संचालित फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। मौके से दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए जा रहे तीन मोबाइल फोन और एक डायरी (नोटबुक) भी बरामद की गई है।

कैसे देते थे लोगों को ठगी का झांसा?

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने साइबर ठगी के नए तरीके को सामने ला दिया। दोनों आरोपी लोगों को फोन कर यह दावा करते थे कि वे उन्हें पहले से अधिक राशि का लोन दिलवा सकते हैं। इसके लिए Loan112 ऐप के माध्यम से आवेदन कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जाती थी।

जब कोई व्यक्ति उनकी बातों में आ जाता था, तब आरोपी उसे फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजते थे ताकि पीड़ित का विश्वास जीत सकें। इसके बाद उसे बताया जाता था कि पहले से चल रहे पुराने लोन को बंद करना आवश्यक है और इसी बहाने उससे रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली जाती थी।

जैसे ही पैसा खातों में पहुंचता, आरोपी मोबाइल नंबर और सिम कार्ड बदल देते थे, जिससे पीड़ित उनके संपर्क में नहीं आ सके।

लोन लेने वालों का डेटा भी खरीदते थे आरोपी

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी केवल सामान्य लोगों को ही फोन नहीं करते थे, बल्कि विभिन्न लोन ऐप्स और विशेष रूप से Loan112 ऐप से पहले से लोन लेने वाले लोगों का डेटा भी हासिल करते थे।

इसके बाद उन लोगों को फिर से संपर्क कर यह कहा जाता था कि उनका लोन बढ़ाया जा सकता है या उन्हें नई और अधिक राशि स्वीकृत कराई जा सकती है। इसी लालच में कई लोग ठगी का शिकार हो जाते थे।

फर्जी बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने वाला अलग नेटवर्क

पुलिस जांच में साइबर ठगी के पीछे एक संगठित नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं।

आरोपियों ने बताया कि फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला एक अन्य व्यक्ति भी इस पूरे गिरोह का हिस्सा है। वह अलग-अलग व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क करता था और हर बार अलग नंबर का इस्तेमाल करता था।

ठगी की गई रकम में से वह व्यक्ति अपने कमीशन के रूप में लगभग 20 प्रतिशत राशि रखता था, जबकि शेष 80 प्रतिशत नकद रकम नोएडा के अलग-अलग स्थानों पर आरोपियों को पहुंचा देता था।

फिलहाल पुलिस उस व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

1. सागर चौहान (23 वर्ष)
पुत्र संजय चौहान
निवासी- न्याय खंड-1, इंदिरापुरम, गाजियाबाद


2. कुलदीप (25 वर्ष)
पुत्र देवेंद्र सिंह
निवासी- ग्राम बरौली, थाना बल्देव, जनपद मथुरा

दोनों आरोपी किराए के फ्लैट से कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे।

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया है—

  • घटना में प्रयुक्त 03 मोबाइल फोन
  • एक डायरी (नोटबुक), जिसमें विभिन्न लोगों का विवरण और अन्य जानकारी दर्ज होने की आशंका है।

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और डायरी की फॉरेंसिक जांच भी कराएगी ताकि ठगी के अन्य मामलों और संभावित पीड़ितों की जानकारी सामने आ सके।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

आरोपियों के खिलाफ थाना बिसरख में मु0अ0सं0 452/2026 दर्ज किया गया है।

इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया लिंक के माध्यम से मिलने वाले लोन ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें।

  • किसी भी लोन की प्रक्रिया केवल अधिकृत बैंक या वित्तीय संस्था के माध्यम से ही करें।
  • किसी भी व्यक्ति के कहने पर पैसे किसी निजी खाते में ट्रांसफर न करें।
  • फर्जी अप्रूवल लेटर और आकर्षक ऑफर के झांसे में आने से बचें।
  • किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।

पुलिस का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। थाना बिसरख पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल एक सक्रिय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि कई संभावित लोगों को ठगी का शिकार होने से भी बचाया जा सका है।

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All Comments (11)
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