गौतमबुद्धनगर में एलपीजी गैस के दुरुपयोग और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कई गैस एजेंसियों और दुकानों पर जांच व छापेमारी की गई।
गौतमबुद्धनगर में एलपीजी गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत संयुक्त टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों पर सघन जांच की जा रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य एलपीजी गैस के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। इसके लिए संबंधित उपजिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बांट माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को शामिल करते हुए संयुक्त टीमें बनाई गई हैं।
इसी क्रम में, विगत दिवस इन टीमों द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान नोएडा नगर क्षेत्र में संचालित कई गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया। जिन एजेंसियों की जांच की गई, उनमें सेक्टर-54 स्थित मै० मिथिला गैस गोदाम, मै० आराधिका भारत गैस गोदाम, मै० गौरव इंटर प्राइजेज गैस गोदाम शामिल हैं। इसके अलावा, नगर नोएडा में स्थित मै० सांई विनय भारत गैस एजेंसी की भी जांच की गई।

वहीं, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में मै० महालक्ष्मी एचपी गैस एजेंसी तथा तहसील जेवर स्थित मै० जेवर इंडेन गैस एजेंसी का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान इन सभी एजेंसियों पर एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर्याप्त पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उपभोक्ताओं को सप्लाई में किसी तरह की कमी नहीं है।
साथ ही, इन एजेंसियों पर पैसो, वेट और मेजरमेंट से जुड़े सभी लाइसेंस अद्यतन पाए गए, जो यह दर्शाता है कि ये एजेंसियां नियमों के तहत कार्य कर रही हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस प्रकार की जांच लगातार जारी रहेगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।
इस अभियान के तहत केवल गैस एजेंसियों तक ही सीमित नहीं रहा गया, बल्कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में परचून की दुकानों पर भी छापेमारी की गई। घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग को रोकने के लिए दो दुकानों पर विशेष रूप से कार्रवाई की गई।

छापेमारी के दौरान इन दुकानों पर न तो कोई घरेलू गैस सिलेंडर मिला और न ही रिफिलिंग से संबंधित कोई उपकरण या सामग्री पाई गई। यह प्रशासन के लिए राहत की बात रही, लेकिन अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में गैस सिलेंडर का अवैध भंडारण या रिफिलिंग न की जाए।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि यह अभियान एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो यह कदम न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो नियमों का उल्लंघन कर अवैध तरीके से मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं।
कुल मिलाकर, प्रशासन की यह सख्ती यह संकेत दे रही है कि अब गैस की कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं बची है।
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