नोएडा के सेक्टर-136 में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां कंपनी के कर्मचारी ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी का अपहरण कर मारपीट की और पैसे लूट लिए। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी रकम बरामद की है।
नोएडा से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक कंपनी के ही कर्मचारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ अपहरण, मारपीट और लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटी गई धनराशि का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है।
घटना 18 मार्च 2026 की है, जब थाना फेस-2 क्षेत्र के सेक्टर-136 स्थित एक ऑनलाइन कोचिंग कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी को उनके ही कर्मचारी, अकाउंटेंट चन्द्र मोहन सारस्वत ने अपने 2-3 साथियों के साथ मिलकर निशाना बनाया। आरोप है कि पार्किंग एरिया में वादी को जबरदस्ती उनकी कार से बाहर निकाला गया और दूसरी कार में बैठा लिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, उन्होंने दबाव बनाकर पीड़ित से 60,000 रुपये ऑनलाइन अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। साथ ही पीड़ित की कार में रखे 2 लाख 47 हजार रुपये नकद भी लेकर फरार हो गए और बाद में इस नकदी को भी अपने बैंक खाते में जमा कर दिया।
इस घटना के बाद पीड़ित ने 19 मार्च को थाना फेस-2 में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 127/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—115(2), 352, 351(3), 309(4) और 127(2)—में मामला दर्ज किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से तेजी से कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान चन्द्र मोहन सारस्वत (35 वर्ष), निवासी जिला हापुड़, और हनी बैसला (27 वर्ष), निवासी जिला मेरठ के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 49,400 रुपये नकद, पीड़ित का ICICI बैंक का क्रेडिट कार्ड और घटना में प्रयुक्त एक वैगनआर कार (DL3CCV9764) बरामद की है। इसके अलावा, साइबर सेल की मदद से 2,57,600 रुपये की राशि को आरोपियों के बैंक खाते में फ्रीज कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी चन्द्र मोहन सारस्वत पीड़ित की कंपनी में कार्यरत था और उसने अपने साथी हनी बैसला व अन्य दो लोगों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। फिलहाल फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस बीच, गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से "मिशन सहयोग" के तहत गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने को लेकर भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है, जिसे एडीसीपी नोएडा सेक्टर-14ए स्थित कार्यालय में संबोधित करेंगे।
यह घटना न सिर्फ कॉर्पोरेट सेक्टर में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे अंदरूनी लोग ही बड़ी वारदातों को अंजाम दे सकते हैं।
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