नोएडा में भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के नेताओं को उस समय हाउस अरेस्ट कर लिया गया जब वे किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने की तैयारी कर रहे थे। नोएडा अध्यक्ष राजवीर मुखिया सहित कई नेताओं को उनके घर और कार्यालय पर ही पुलिस ने रोक लिया।
किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कई नेताओं को पुलिस प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। बताया जा रहा है कि यूनियन के नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों की समस्याओं से जुड़ा एक ज्ञापन सौंपने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके घर और कार्यालयों पर ही रोक दिया।
जानकारी के अनुसार, बीकेयू भानु गुट के नेताओं ने एक बैठक आयोजित कर किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने और उन्हें ज्ञापन देने का निर्णय लिया था। इस कार्यक्रम का नेतृत्व नोएडा अध्यक्ष राजवीर मुखिया कर रहे थे। लेकिन पुलिस प्रशासन को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया।
कई नेताओं को अलग-अलग स्थानों से रोका गया
पुलिस ने नोएडा अध्यक्ष राजवीर मुखिया को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। वहीं वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष भाटी (शहदरा) को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इसके अलावा राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनोज चौधरी को उनके कार्यालय से ही पुलिस ने अरेस्ट कर लिया।
इसी तरह एनसीआर अध्यक्ष सुनील अवाना और प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल बैसोया को भी उनके आवास पर ही पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट कर दिया गया।

किसानों की कई समस्याओं को लेकर था आंदोलन
बीकेयू भानु गुट के नेताओं का कहना है कि क्षेत्र के किसानों की कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं किया गया है।
नोएडा अध्यक्ष राजवीर मुखिया और मीडिया प्रभारी सुभाष भाटी शहदरा के अनुसार, किसानों की प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं—
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आबादी से जुड़ी समस्याएं
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बेकलीज (बैकलीज) के मुद्दे
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किसानों को 5 प्रतिशत और 10 प्रतिशत प्लॉट देने की मांग
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64.7 प्रतिशत मुआवजा
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गांवों में विकास कार्य
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सर्किल रेट बढ़ाने की मांग
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डूब क्षेत्र के लोगों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना
किसान नेताओं का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए गए हैं।
हाईपावर कमेटी के गठन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
किसान नेताओं का आरोप है कि किसानों के आंदोलन के बाद सरकार ने एक हाईपावर कमेटी का गठन किया था ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
लेकिन उनका कहना है कि आज तक इस कमेटी की सिफारिशों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है और न ही किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया है।
इसी वजह से किसान नेता मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें सीधे इन समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे।

अधिकारियों से वार्ता के बाद रिहा किए गए नेता
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद किसान नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत हुई। अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
इस दौरान एसीपी प्रवीण कुमार ने मुख्यमंत्री के नाम किसानों का ज्ञापन प्राप्त किया।
कई किसान नेता रहे मौजूद
इस दौरान किसान यूनियन के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
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प्रेम सिंह भाटी
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किट्टी प्रधान
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सत्प्रकाश अवाना
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राजकुमार
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ऋतिक शर्मा
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रवि पहलवान
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वीरेंद्र
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श्याम दीक्षित
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सोनू अवाना
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ओमी प्रधान
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आकाश चौधरी
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सुरेंद्र बंसल
सहित कई अन्य किसान नेता शामिल रहे।
किसान नेताओं का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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