नोएडा के सेक्टर-113 थाना पुलिस ने एक शातिर गैंग का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 10 चोरी की मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
नोएडा में बढ़ती चोरी और स्नैचिंग की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पहले बाइक चोरी करता था और फिर उसी बाइक का इस्तेमाल मोबाइल लूट की वारदातों में करता था। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, 6 मई 2026 को ग्राम पर्थला इलाके से राहुल उर्फ शेरा, सनी कुमार और वासु कैरवार को गिरफ्तार किया गया। ये तीनों आरोपी लंबे समय से चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद कई पुराने मामलों की गुत्थी भी सुलझ गई है।
जांच में सामने आया कि ये आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम देते थे। पहले ये भीड़-भाड़ वाले इलाकों—जैसे मॉल, सब्जी मंडी और सर्राफा बाजार—में पैदल घूमकर रेकी करते थे। वहां खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते और मौका मिलते ही उनका लॉक तोड़कर चोरी कर लेते थे।
चोरी की गई मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल ये लोग मोबाइल स्नैचिंग में करते थे। राह चलते लोगों से झपट्टा मारकर मोबाइल छीन लेते और फिर फरार हो जाते। बाद में ये बाइक के पार्ट्स को अलग-अलग कर बेच देते थे, ताकि पहचान न हो सके।

पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 10 मोटरसाइकिल बरामद की हैं, जिनमें 9 पूरी बाइक और एक बाइक के कटे हुए पार्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा 4 अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी की कुल अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
बरामद मोटरसाइकिलों में कई अलग-अलग राज्यों और जिलों में दर्ज मामलों से जुड़ी गाड़ियां शामिल हैं। इनमें यूपी और दिल्ली नंबर की बाइक भी हैं, जो अलग-अलग मामलों में चोरी की गई थीं। पुलिस के अनुसार, एक बाइक के कटे हुए पार्ट्स भी मिले हैं, जो दिल्ली के ई-व्हीकल थेफ्ट केस से जुड़े हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
राहुल उर्फ शेरा (21 वर्ष), मूल निवासी करौली, राजस्थान, वर्तमान में नोएडा के बरौला में रह रहा था।
सनी कुमार (25 वर्ष), निवासी सेक्टर-123 नोएडा।
वासु कैरवार (19 वर्ष), निवासी सेक्टर-123 नोएडा, मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये तीनों आरोपी पहले भी कई मामलों में शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ सेक्टर-113 थाना, ईकोटेक-3 थाना और दिल्ली के ई-पुलिस स्टेशन में भी केस दर्ज हैं। खास बात यह है कि राहुल उर्फ शेरा पर पहले से ही हथियार अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज है।

इस गिरोह के पकड़े जाने से न सिर्फ कई लंबित मामलों का खुलासा हुआ है, बल्कि शहर में हो रही बाइक चोरी और मोबाइल लूट की घटनाओं पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार और भी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में बाइक चोरी और मोबाइल छिनैती की घटनाएं बढ़ गई थीं, जिससे लोग काफी परेशान थे। ऐसे में इस गिरोह का पकड़ा जाना राहत की खबर है।
नोएडा पुलिस का यह ऑपरेशन यह भी दिखाता है कि अपराधी कितनी योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं और पुलिस किस तरह तकनीकी और जमीनी स्तर पर काम करके उन्हें पकड़ती है।
फिलहाल, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी है।
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