Noida में चोरी की गाड़ियों का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने झाड़ियों में छिपाकर रखी गई 12 गाड़ियां बरामद करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया
Gautam Buddh Nagar Police ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए वाहन चोरी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह खुलासा जितना चौंकाने वाला है, उतना ही डराने वाला भी… क्योंकि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों की गाड़ियां चुराकर उन्हें झाड़ियों में छिपा देता था और फिर सस्ते दामों में बेच देता था।
दिनांक 4 मई 2026 को थाना सेक्टर-24 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टी-ब्लॉक, सेक्टर-11 से दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनीकेत उर्फ अंकित (24 वर्ष) और रतन सिंह उर्फ रवि (23 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों Ghaziabad के खोड़ा कॉलोनी के रहने वाले हैं।पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।
ये दोनों आरोपी पहले दिल्ली, नोएडा और पूरे एनसीआर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाकर रेकी करते थे। खासतौर पर उन जगहों को निशाना बनाते थे, जहां घरों के बाहर या सड़कों पर बाइक खड़ी होती थी।जैसे ही मौका मिलता… ये बिना किसी को भनक लगे बाइक चुरा लेते थे।
लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू होता था…
चोरी की गई मोटरसाइकिलों और स्कूटी को ये आरोपी Sector 54 Noida के जंगलों और झाड़ियों में छिपाकर खड़ी कर देते थे।
फिर धीरे-धीरे… एक-एक करके इन्हें बाजार में जरूरतमंद लोगों को बेहद सस्ते दामों में बेच देते थे।
इन चोरों का पूरा सिस्टम सेट था।
जो भी पैसा मिलता, उसे दोनों आपस में बराबर बांट लेते और अपने निजी खर्चों में इस्तेमाल करते थे।
सबसे खतरनाक बात यह थी कि चोरी के दौरान पकड़े जाने के डर से ये अपने पास अवैध चाकू भी रखते थे।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 12 वाहन बरामद किए हैं, जिनमें—
-
10 मोटरसाइकिल (KTM, Hero Splendor, Honda Shine, TVS Apache, TVS Raider आदि)
-
2 स्कूटी
-
2 अवैध चाकू
कुछ बाइक ऐसी भी मिलीं, जिन पर नंबर प्लेट नहीं थी, जिससे साफ है कि उन्हें पहचान छिपाने के लिए बदला गया था।
अगर अनीकेत उर्फ अंकित की बात करें, तो उसके खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं—जिसमें चोरी, आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।वहीं रतन सिंह उर्फ रवि पर भी कई मामलों में केस दर्ज हैं, जिससे यह साफ है कि दोनों लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय थे।
यह घटना सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है।
आज के समय में वाहन चोरी करने वाले गिरोह इतने संगठित हो चुके हैं कि वे मिनटों में आपकी गाड़ी गायब कर सकते हैं।
क्या हम अपनी गाड़ियों को सुरक्षित जगह पर पार्क करते हैं?
क्या हम अतिरिक्त सुरक्षा जैसे लॉक या ट्रैकर का इस्तेमाल करते हैं?
इन सवालों पर सोचने की जरूरत है।
नोएडा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि—
-
भीड़-भाड़ वाले इलाकों में वाहन पार्क करते समय सतर्क रहें
-
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें
-
सस्ते दामों में मिलने वाले वाहनों से सावधान रहें
क्योंकि… सस्ता सौदा कभी-कभी बड़ा नुकसान बन सकता है।
COMMENTS