नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 49 चोरी के मोबाइल फोन, दो अवैध चाकू और विभिन्न मामलों से जुड़े अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में मौका पाकर मोबाइल चोरी करते थे। बरामद मोबाइलों के आधार पर कई अन्य चोरी की वारदातों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दोनों आरोपियों को सेक्टर-18 स्थित पार्क के सामने से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के 49 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद मोबाइलों में से एक मोबाइल पहले से दर्ज चोरी के मुकदमे से संबंधित है, जबकि आरोपियों ने एक अन्य चोरी की वारदात को भी स्वीकार कर लिया है।
पुलिस का मानना है कि बरामद हुए बाकी मोबाइल फोन भी अलग-अलग चोरी की घटनाओं से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में यह गिरफ्तारी कई पुराने मामलों के खुलासे की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

थाना सेक्टर-20 पुलिस लगातार मोबाइल चोरी की घटनाओं पर नजर बनाए हुए थी। तकनीकी निगरानी और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक सेक्टर-18 के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विक्की पुत्र मुकेश और आसिफ पुत्र आशु के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान जब पुलिस ने उनके बैग और सामान की जांच की तो वहां से कुल 49 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद हुए। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत उनके स्रोत और मालिकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी।
बरामद मोबाइल ने खोला पुराने मुकदमे का राज
बरामद मोबाइलों की जांच के दौरान पुलिस को एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन मिला, जो थाना सेक्टर-24, नोएडा में दर्ज मु0अ0सं0 253/2026, धारा 303(2) बीएनएस से संबंधित पाया गया। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपी अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने थाना सेक्टर-20 में दर्ज मु0अ0सं0 213/2026 के तहत मोबाइल चोरी की घटना को भी स्वीकार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद बाकी 48 मोबाइल किन-किन लोगों के हैं और वे किन मामलों से जुड़े हैं।

टैक्सी चालक और फेरी लगाने वाला युवक निकले आरोपी
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी विक्की पेशे से टैक्सी चलाता है, जबकि आसिफ कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता है। दोनों सामान्य जीवन की आड़ में भीड़भाड़ वाले बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और व्यस्त इलाकों में लोगों पर नजर रखते थे।
जैसे ही किसी व्यक्ति का ध्यान भटकता, दोनों मौका देखकर उसका मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपी लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे और चोरी किए गए मोबाइलों को आगे बेचने या खपाने का भी नेटवर्क हो सकता है। इस पहलू पर भी जांच जारी है।
49 मोबाइलों की जांच से खुल सकते हैं कई राज
पुलिस के अनुसार बरामद हुए 49 मोबाइल फोन केवल एक या दो घटनाओं से जुड़े नहीं लगते। आशंका है कि इनमें कई ऐसे मोबाइल भी शामिल हैं, जिनकी चोरी की रिपोर्ट अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज है या फिर अभी तक पीड़ितों ने शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है।
मोबाइलों के IMEI नंबर के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा रहा है। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है तो कई पुराने मामलों का खुलासा हो सकता है और चोरी के मोबाइल उनके असली मालिकों को वापस मिल सकते हैं।
दो अवैध चाकू भी मिले
मोबाइल फोन के अलावा पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध चाकू भी बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि चोरी के दौरान यदि कोई विरोध करता या पकड़ने की कोशिश करता तो आरोपी इन हथियारों का इस्तेमाल लोगों को डराने या मौके से भागने के लिए कर सकते थे। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार आरोपी विक्की पुत्र मुकेश (39 वर्ष) दिल्ली के मुल्तानी ढांडा, पहाड़गंज, थाना नबी करीम क्षेत्र का निवासी है। वहीं दूसरा आरोपी आसिफ पुत्र आशु (24 वर्ष) गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र स्थित राशिद अली गेट का रहने वाला है।

पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी विक्की के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सेक्टर-20 और सेक्टर-24 नोएडा के अलावा दिल्ली के पांडव नगर और पहाड़गंज थानों में आर्म्स एक्ट, लूट और मारपीट जैसे मुकदमे शामिल हैं।
वहीं आरोपी आसिफ के खिलाफ भी सेक्टर-20, सेक्टर-24 नोएडा और मथुरा के वृंदावन थाने में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पुलिस की जांच अभी जारी
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों आरोपी चोरी के मोबाइल किन लोगों को बेचते थे और क्या इनके पीछे कोई संगठित रिसीवर या तस्करी का नेटवर्क भी सक्रिय है। बरामद मोबाइलों की तकनीकी जांच के साथ-साथ अन्य राज्यों और जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल चोरी हुआ है और उसने संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, तो जांच पूरी होने के बाद पहचान के आधार पर उसका मोबाइल वापस दिलाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
COMMENTS