नोएडा के सेक्टर-58 थाना पुलिस ने पीजी और किराये के मकानों से लैपटॉप-मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के 5 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 4 हजार रुपये नकद और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। मामले में तीन बाल अपचारियों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
नोएडा के सेक्टर-58 इलाके में पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए चोरी की घटनाएं लगातार चिंता का कारण बन सकती हैं। कमरे में रखा लैपटॉप या मोबाइल कुछ ही मिनटों में गायब हो जाए और पीछे रह जाए सिर्फ सामान चोरी होने का सदमा—ऐसी ही वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह पर अब पुलिस ने शिकंजा कसा है।
13 अगस्त 2026 को थाना सेक्टर-58 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो कथित शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों को जुबलियेट पार्क, सेक्टर-58, नोएडा से पकड़ा गया। इनके साथ तीन बाल अपचारियों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी के 5 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, लैपटॉप बिक्री से बचे 4,000 रुपये नकद और दो अवैध चाकू बरामद किए गए। बरामदगी ने पुलिस को इस बात की अहम कड़ी दी कि चोरी किए गए इलेक्ट्रॉनिक सामान को किस तरह खपाया जा रहा था।
किराये के मकान और पीजी थे निशाने पर
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का कथित तरीका बेहद सीधा लेकिन लोगों की लापरवाही का फायदा उठाने वाला था। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्थित किराये के घरों और पीजी को निशाना बनाया जाता था। यहां से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान चोरी किए जाते थे।
चोरी के बाद आरोपी इन सामानों को राह चलते लोगों को सस्ते दामों पर बेचने की कोशिश करते थे। पुलिस के अनुसार कुछ लैपटॉप को पूरा बेचने के बजाय उनके पार्ट्स खोलकर अलग-अलग बेचा जाता था। इस तरह चोरी के सामान को खपाने और उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी।
यानी एक तरफ पीड़ित अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे सामान के गायब होने से परेशान होते थे, तो दूसरी तरफ कथित तौर पर यही सामान आरोपियों के लिए कमाई का जरिया बन रहा था।

पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सागर उर्फ राजा चौधरी पुत्र पीतम चौधरी और हसन पुत्र मो. आलम के रूप में हुई है।
सागर उर्फ राजा चौधरी की उम्र करीब 19 वर्ष है। वह मूल रूप से ग्राम एवं थाना पवई, जिला पन्ना, मध्य प्रदेश का निवासी बताया गया है और वर्तमान में ग्राम विशनपुरा, थाना सेक्टर-58, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था।
दूसरे आरोपी हसन पुत्र मो. आलम की उम्र भी करीब 19 वर्ष है। वह खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद का निवासी बताया गया है।
पुलिस ने इस मामले में तीन बाल अपचारियों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चोरी की वारदातों में एक से अधिक लोगों की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है।
दो मुकदमे दर्ज, एक आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई के संबंध में थाना सेक्टर-58 में दो अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।
पहला मामला मु0अ0सं0-271/2026, धारा 305(ए) बीएनएस, थाना सेक्टर-58, गौतमबुद्धनगर में दर्ज है।
दूसरा मामला मु0अ0सं0-277/2026, धारा 317(2), 317(5) बीएनएस और 4/25 आर्म्स एक्ट, थाना सेक्टर-58, गौतमबुद्धनगर में पंजीकृत किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी हसन का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ मु0अ0सं0-230/2025, धारा 60 आबकारी एक्ट, थाना सेक्टर-58, गौतमबुद्धनगर में मामला दर्ज बताया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामान बरामद किया है, उसमें 5 लैपटॉप और 10 मोबाइल फोन शामिल हैं। इसके अलावा लैपटॉप बिक्री से संबंधित 4,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों के कब्जे से एक-एक अवैध चाकू, यानी कुल दो चाकू बरामद हुए हैं।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद 15 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस किन-किन वारदातों से जुड़े हैं और इनके वास्तविक मालिक कौन हैं। पुलिस बरामद सामान के संबंध में आगे की जांच कर रही है।
पीजी में रहने वालों के लिए भी सबक
यह कार्रवाई सिर्फ दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह घटना एक चेतावनी है। लैपटॉप और मोबाइल जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अक्सर कमरे में खुले तौर पर रखे रहते हैं और कई बार कमरे की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जाती।
फिलहाल सेक्टर-58 पुलिस की कार्रवाई से चोरी के मामलों में एक महत्वपूर्ण कड़ी हाथ लगी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया और चोरी का सामान किन लोगों को बेचा गया। बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की पहचान होने के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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