गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025-26 में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सात विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया गया, वहीं वामा सारथी द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं रियायती कोचिंग सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई।
अक्सर पुलिसकर्मियों की पहचान उनकी वर्दी, ड्यूटी और जिम्मेदारियों से होती है। लेकिन उन वर्दियों के पीछे ऐसे परिवार भी होते हैं, जो तमाम चुनौतियों के बीच अपने बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटे रहते हैं। उन्हीं सपनों, संघर्षों और उपलब्धियों को सम्मान देने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पुलिस परिवार के मेधावी बच्चों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
यह कार्यक्रम केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उन परिवारों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी था, जो समाज की सुरक्षा में दिन-रात जुटे पुलिसकर्मियों के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहते हैं।
पुलिस लाइन्स में आयोजित हुआ सम्मान समारोह
पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन तथा डीसीपी मुख्यालय के पर्यवेक्षण में एसीपी पुलिस लाइन्स द्वारा वामा सारथी, उत्तर प्रदेश पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पुलिस लाइन्स स्थित बहुउद्देशीय हॉल में मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस परिवार के उन बच्चों को प्रोत्साहित करना था, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर शैक्षिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान
6 जून 2026 को आयोजित इस समारोह में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के सात मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
इन विद्यार्थियों ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा सत्र 2025-26 में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे पुलिस विभाग का नाम रोशन किया।
कार्यक्रम के दौरान एसीपी लाइन्स श्री शकील मोहम्मद ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए।
सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था, जबकि उनके अभिभावकों की आंखों में गर्व झलक रहा था।
शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी
समारोह को संबोधित करते हुए एसीपी लाइन्स श्री शकील मोहम्मद ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अनुशासन, निरंतर परिश्रम और समर्पण ही किसी भी लक्ष्य तक पहुंचने का सबसे प्रभावी मार्ग है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी उपलब्धियों को अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत मानें और भविष्य में भी इसी लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहें।
एसीपी ने यह भी कहा कि इन बच्चों की सफलता पूरे पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है और यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
पुलिस परिवारों के संघर्ष को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी उभरकर सामने आया कि पुलिसकर्मियों के परिवार कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं, जहां ड्यूटी की वजह से माता-पिता अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते।
इसके बावजूद बच्चों द्वारा उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करना उनके आत्मअनुशासन, परिवार के सहयोग और मजबूत संकल्प को दर्शाता है।
यही कारण है कि इस सम्मान समारोह को केवल पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पुलिस परिवारों के त्याग और समर्पण के सम्मान के रूप में भी देखा गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ा मुख्यालय
कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि इसमें वामा सारथी, उत्तर प्रदेश पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन मुख्यालय, लखनऊ की अध्यक्षा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की गई।
इस दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को पुलिस कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और शैक्षिक सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गई।
मुख्यालय स्तर से यह संदेश दिया गया कि पुलिस परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
छात्रों के लिए बड़ी राहत, 8 प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से एमओयू
कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई, जिसने विद्यार्थियों और अभिभावकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
वामा सारथी की पहल पर पुलिस परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रियायती दरों पर कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए आठ प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य आर्थिक बोझ को कम करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों को इन संस्थानों, उपलब्ध सुविधाओं और रियायती योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
शिक्षा के माध्यम से सशक्त होगा पुलिस परिवार
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।
ऐसे सम्मान समारोह न केवल विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है।
नई पीढ़ी को मिला प्रेरणा का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि शिक्षा, अनुशासन और मेहनत किसी भी व्यक्ति को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
सम्मानित विद्यार्थियों के लिए यह दिन यादगार बन गया, जबकि अन्य छात्रों के लिए यह प्रेरणा का स्रोत साबित हुआ।
पुलिस परिवार के बच्चों की उपलब्धियों को सम्मानित कर गौतमबुद्धनगर पुलिस ने यह संदेश दिया कि समाज की सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवारों के सपनों को संवारने वालों का सम्मान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
यही कारण है कि यह सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मेहनत, समर्पण और उपलब्धि का उत्सव बनकर सामने आया।
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