नोएडा के सेक्टर-74 स्थित आईवी काउंटी सोसायटी में शुक्रवार सुबह 12वीं मंजिल पर लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में आसपास के फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग, पुलिस और सोसायटी की आंतरिक फायर सुरक्षा व्यवस्था की मदद से आग पर काबू पाया गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर हाईराइज इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं के बीच शुक्रवार सुबह नोएडा के सेक्टर-74 स्थित प्रतिष्ठित आईवी काउंटी (IVY County) सोसायटी में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को दहला दिया। सुबह का समय था, अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे, तभी अचानक 12वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और उसकी लपटें ऊपर की मंजिलों तक पहुंचने लगीं।
कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बालकनी और खिड़कियों से निकलता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। सोसायटी में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के बीच भय और चिंता का माहौल बन गया। लोगों ने तुरंत अपने घरों से बाहर निकलना शुरू कर दिया, जबकि कई निवासी सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचे।
12वीं मंजिल से शुरू हुई आग, ऊपर तक फैला असर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग 12वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी थी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन कुछ ही समय में धुआं और गर्मी इतनी बढ़ गई कि उसके प्रभाव से 16वीं मंजिल तक के फ्लैट प्रभावित हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें और धुआं तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। कई फ्लैटों की बाहरी दीवारें और बालकनियां काली पड़ गईं। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए, जिनमें फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास करती दिखाई दे रही है।
दमकल विभाग के सामने आई चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। हालांकि शुरुआती चरण में दमकल कर्मियों को एक बड़ी तकनीकी चुनौती का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों के मुताबिक फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक मशीन केवल छठी मंजिल तक ही प्रभावी रूप से पहुंच पा रही थी, जबकि आग 12वीं मंजिल पर लगी थी।
ऐसे में सोसायटी के अंदर मौजूद इंटरनल फायर सेफ्टी सिस्टम और उपकरण राहत कार्य में महत्वपूर्ण साबित हुए। दमकल विभाग ने सोसायटी के आंतरिक फायर फाइटिंग नेटवर्क की मदद से आग पर नियंत्रण पाने की रणनीति बनाई।
इसके बाद हाइड्रोलिक क्रेन और अन्य संसाधनों की सहायता से आग को फैलने से रोका गया और काफी मशक्कत के बाद उस पर काबू पाया गया।
पूरी इमारत कराई गई खाली
आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन भी सक्रिय हो गया। सेक्टर-113 थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा घेरा बनाकर राहत कार्य शुरू कराया।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को खाली करा दिया। आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। राहत की बात यह रही कि सभी निवासी समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे और किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने या जान गंवाने की सूचना सामने नहीं आई।
हालांकि शुरुआती घंटों में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में राहत-बचाव अभियान के दौरान सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
नोएडा की इस बड़ी आगजनी की घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए।
साथ ही प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि किसी भी नागरिक को कोई नुकसान न पहुंचे। राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने और घटना की विस्तृत जांच कराने के भी आदेश दिए गए हैं।
हाईराइज सोसायटियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
आईवी काउंटी जैसी प्रतिष्ठित और आधुनिक सोसायटी में आग लगने की घटना ने एक बार फिर हाईराइज इमारतों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग और तेजी से फैलती या इंटरनल फायर सिस्टम काम नहीं करता, तो स्थिति कहीं अधिक भयावह हो सकती थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाओं के बाद फायर ऑडिट, आपातकालीन निकासी योजना और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता की नियमित समीक्षा बेहद जरूरी हो जाती है।
सेक्टर-52 में भी लगी आग
इसी बीच नोएडा के सेक्टर-52 स्थित शताब्दी विहार क्षेत्र से भी आग लगने की सूचना सामने आई। यहां एक इमारत के निचले हिस्से में स्थित रेस्टोरेंट और ऊपर बने पीजी में आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और आग पर नियंत्रण पाया गया।
हालांकि दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन एक ही दिन में सामने आई इन आगजनी की घटनाओं ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
फिलहाल आईवी काउंटी में लगी आग के कारणों की जांच जारी है। दमकल विभाग, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। शॉर्ट सर्किट, इलेक्ट्रिकल फॉल्ट या किसी अन्य तकनीकी कारण की संभावना को लेकर जांच की जा रही है।
लेकिन एक बात साफ है कि शुक्रवार की यह सुबह सेक्टर-74 के सैकड़ों परिवारों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं थी। आग पर भले ही काबू पा लिया गया हो, लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर छोड़ दिया है कि तेजी से बढ़ते हाईराइज शहरों में सुरक्षा के दावे आखिर कितने मजबूत हैं?
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