नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में SIT ने जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट आज शासन को सौंपी जाएगी, जिसके बाद और अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। शासन के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और मंगलवार को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से कुछ और अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने 600 से अधिक पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है और जांच के दौरान 150 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ और फील्ड स्तर के अधिकारी शामिल हैं। हालांकि, जांच के दौरान तीनों विभागों ने अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए बचाव का रुख अपनाया।

एसआईटी सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण के नियोजन विभाग, ट्रैफिक सेल और सिविल विभाग के संबंधित अधिकारी कई अहम सवालों के सटीक जवाब नहीं दे सके। इनमें प्रमुख रूप से हादसे वाले भूखंड के बिल्डर पर समय पर कार्रवाई न होना, भूखंड की चारदीवारी न कराया जाना और करीब दो घंटे तक प्रभावी रेस्क्यू न हो पाना जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
अधिकारियों ने अपने बचाव में शासनादेश, न्यायालय के आदेश, बिल्डर को भेजे गए पत्र और मौके पर पहुंचने के प्रयासों का हवाला दिया, लेकिन कई जवाब अधूरे और अस्पष्ट पाए गए। सभी बयानों और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद एसआईटी ने अंतिम रिपोर्ट तैयार की है।
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने पुष्टि की कि रिपोर्ट पूरी हो चुकी है और मंगलवार को शासन को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट को गोपनीय बताते हुए उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। उल्लेखनीय है कि यह एसआईटी एडीजी स्तर की अध्यक्षता में गठित की गई थी।
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