दिल्ली शराब घोटाले में निचली CBI अदालत द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन अंततः सत्य की जीत होती है।
दिल्ली के कथित शराब घोटाले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली CBI अदालत के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था।
इस फैसले के बाद दिल्ली भाजपा ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए स्वागत किया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने सोमवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कहा कि न्यायिक प्रक्रिया भले लंबी हो, लेकिन अंततः सत्य की ही जीत होती है।

भाजपा का दावा— सच्चाई जल्द सामने आएगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में कथित शराब घोटाले को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं और अब हाईकोर्ट में विस्तृत सुनवाई के बाद सच सामने आएगा।
उन्होंने कहा,
“झूठ और भ्रम का जीवन बहुत छोटा होता है। न्यायिक प्रक्रिया थोड़ी लंबी जरूर हो सकती है, लेकिन अंततः सच सामने आता है। हमें विश्वास है कि अदालत में बहस के बाद सच्चाई सामने आएगी।”
निचली अदालत के फैसले पर उठे सवाल
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा निचली CBI अदालत का पूरा सम्मान करती है, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगाना कई सवाल खड़े करता है।
उनका कहना था कि यह फैसला अपने आप में निचली अदालत के निर्णय पर प्रश्नचिह्न लगाता है और इसलिए मामले की दोबारा सुनवाई जरूरी है।

फैसले में कमियों का दावा
सचदेवा ने दावा किया कि कई वरिष्ठ वकीलों ने निचली अदालत के फैसले में कई खामियां बताई हैं। उनके मुताबिक कुछ महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं, जिन पर अदालत में विस्तार से बहस होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जस्टिस रंजन गोगोई समिति की रिपोर्ट को दिल्ली सरकार ने नजरअंदाज किया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि एक आरोपी जाकिर खान पर फर्जी ई-मेल के जरिए जनमत प्रभावित करने का आरोप है।
सचदेवा ने यह भी दावा किया कि गोवा चुनाव के दौरान हवाला लेनदेन में इस्तेमाल किए गए दस रुपये के नोट के नंबर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के मोबाइल फोन में पाए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी।
ईडी मामले की सुनवाई भी जारी
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा चलाए जा रहे मामले को जारी रखने की अनुमति देकर न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूत किया है। उनका कहना था कि इससे पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ सकेगी।

पुराने मामलों का दिया उदाहरण
सचदेवा ने कहा कि निचली अदालत से बरी होना अंतिम फैसला नहीं होता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी कई बड़े नेताओं को निचली अदालत से राहत मिली थी, लेकिन बाद में उच्च अदालतों में उन्हें सजा हुई।
उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, 2जी स्पेक्ट्रम मामले के आरोपी ए. राजा और कनिमोझी जैसे नेताओं के मामलों में भी ऐसी स्थिति देखने को मिली थी।
राजनीतिक माहौल फिर गरमाया
दिल्ली शराब घोटाले को लेकर पहले ही राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विवाद रहा है। अब हाईकोर्ट में याचिका स्वीकार होने के बाद इस मामले में कानूनी और राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।
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