नरेंद्र मोदी ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, जिससे उत्तर प्रदेश को पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिला।
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर से आज देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर खबर सामने आई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का भव्य उद्घाटन किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को अपना पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मिल गया है, जो आने वाले समय में पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की दिशा बदलने वाला है।
24 साल का इंतजार हुआ खत्म
इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव साल 2001 में रखी गई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर में एक ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एविएशन हब का प्रस्ताव दिया था।
करीब 24 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आज यह सपना साकार हुआ। एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही एनसीआर में एक नए ट्रांसपोर्ट रिवोल्यूशन की शुरुआत हो गई है।
हजारों करोड़ की मेगा परियोजना
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। इसे चार चरणों में लगभग 29,560 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है।

पहले चरण के निर्माण पर करीब 11,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो इसे एशिया का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाता है।
प्रधानमंत्री ने सिर्फ एयरपोर्ट का उद्घाटन ही नहीं किया, बल्कि कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की भी शुरुआत की—
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कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन
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MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) फैसिलिटी का शिलान्यास
ये सुविधाएं भारत को एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं
पूरे NCR को मिलेगा फायदा
इस एयरपोर्ट का लाभ केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा।
यह परियोजना
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अलीगढ़
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मथुरा
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आगरा
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दिल्ली
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गाजियाबाद
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फरीदाबाद
जैसे शहरों के लिए भी गेमचेंजर साबित होगी।
इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई गति मिलेगी।

ऐतिहासिक कार्यक्रम, भारी भीड़
प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में लगभग 2 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान था।
पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जहां स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने सुरक्षा की कमान संभाली हुई थी।
पीएम मोदी के आगमन के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।
छोटा कस्बा बना ग्लोबल हब
कभी एक साधारण कस्बा माने जाने वाला जेवर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन चुका है।
2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी मात्र 30-35 हजार के बीच थी, लेकिन एयरपोर्ट परियोजना के बाद इस क्षेत्र में तेजी से शहरीकरण हुआ है।
आज जेवर एक उभरता हुआ ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर डेस्टिनेशन बन चुका है।
विकास के नए रास्ते
विशेषज्ञों के अनुसार, इस एयरपोर्ट के शुरू होने से—
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लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा
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देश-विदेश से निवेश आएगा
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होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा
शुरुआत में घरेलू उड़ानें शुरू होंगी, जबकि कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू होने की संभावना है।

नाम और इतिहास की कहानी
‘जेवर’ नाम को लेकर भी दिलचस्प मान्यताएं हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्राचीन समय में यहां आभूषणों का व्यापार होता था, जिससे इस क्षेत्र का नाम ‘जेवर’ पड़ा।
हालांकि इसके ठोस ऐतिहासिक प्रमाण नहीं हैं, लेकिन लोककथाओं में यह मान्यता आज भी जीवित है।
पौराणिक और सांस्कृतिक जुड़ाव
यह क्षेत्र केवल आधुनिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखता है।
गौतम बुद्ध नगर का बिसरख गांव रावण के पिता ऋषि विश्रवा की जन्मस्थली माना जाता है। यहां दशहरे पर रावण दहन नहीं, बल्कि उसकी पूजा की जाती है।
इतिहासकारों के अनुसार, यह क्षेत्र महाभारत काल से भी जुड़ा माना जाता है, जिससे इसकी सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध होती है।
भविष्य की उड़ान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ जेवर अब उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
यह परियोजना न केवल दिल्ली-एनसीआर को नया विकल्प देगी, बल्कि भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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