कानपुर के जाजमऊ में हिन्दुस्तान कंपाउंड के पास डिलीवरी ब्वॉय बाइक समेत करीब 5 फीट गहरे खुले गड्ढे में गिर गया। हेलमेट से जान बची, स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।
कानपुर के जाजमऊ इलाके में मंगलवार देर रात एक ऐसा हादसा सामने आया, जिसने सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और खुले पड़े गड्ढों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। हिन्दुस्तान कंपाउंड के पास रात करीब 12:30 बजे बाइक से जा रहा एक डिलीवरी ब्वॉय अचानक सड़क पर बने करीब पांच फीट गहरे गड्ढे में बाइक समेत जा गिरा। कुछ ही सेकेंड में बाइक सवार युवक सड़क से गायब होकर गहरे गड्ढे में जा पहुंचा।
हादसे के बाद युवक की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने किसी तरह युवक को गड्ढे से बाहर निकाला और उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया। राहत की बात यह रही कि युवक ने हादसे के समय हेलमेट पहन रखा था, जिसके चलते उसकी जान बच गई।
हादसे का पूरा घटनाक्रम अब सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने के कारण सामने आया है। करीब 1 मिनट 26 सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज इंटरनेट पर प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद सड़क पर खुले पड़े गड्ढे और जिम्मेदार व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी भी सामने आ रही है।
आधी रात सड़क पर निकला था डिलीवरी ब्वॉय, अचानक गड्ढे में समा गई बाइक
स्थानीय निवासियों इमरान, मो. इम्तियाज, शहजादे उर्फ सज्जू और जफरूल के मुताबिक घटना रात करीब 12:30 बजे की है। डिलीवरी ब्वॉय बाइक से सड़क से गुजर रहा था। रात का समय होने के कारण सड़क पर रोशनी और गड्ढे की स्थिति उसके लिए बड़ी चुनौती बनी।
इसी दौरान बाइक अचानक खुले गड्ढे में जा गिरी। बाइक के साथ युवक भी करीब पांच फीट नीचे जा पहुंचा। अचानक हुए इस हादसे के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर युवक को बाहर निकाला। इसके बाद उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। हेलमेट पहने होने की वजह से युवक की जान बचने की बात स्थानीय लोगों ने बताई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के नीचे सीवर लाइन की मरम्मत का काम कराया गया था। मरम्मत के बाद गड्ढे को पूरी तरह पाटने के बजाय उसे खुला छोड़ दिया गया। लोगों के मुताबिक यही गड्ढा कई दिनों से राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ था।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सड़क पर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा मौजूद था, तो वहां पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत या सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई? देर रात जब सड़क पर रोशनी कम होती है, तब इस तरह का खुला गड्ढा किसी भी वाहन चालक के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे को बंद कर दिया जाता या उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाते, तो हादसे की नौबत ही नहीं आती।
कैमरे में कैद हुआ पूरा हादसा
घटना से जुड़ा 1.26 मिनट का सीसीटीवी फुटेज इंटरनेट पर प्रसारित हो रहा है। फुटेज के सामने आने के बाद हादसे की तस्वीर और स्पष्ट हो गई है। वीडियो को लेकर इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं और खुले गड्ढे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज ने यह भी दिखा दिया कि सड़क पर मौजूद ऐसी खामियां कितनी तेजी से किसी राहगीर या वाहन चालक को हादसे की चपेट में ला सकती हैं। हालांकि प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
पार्षद ने गड्ढा भरवाकर कराई बैरिकेडिंग
हादसे की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय पार्षद फखर इकबाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने गड्ढे में मिट्टी भरवाकर उसे पाटने की व्यवस्था कराई। इसके साथ ही मौके पर बैरिकेडिंग भी करा दी गई, ताकि दोबारा कोई वाहन या राहगीर उस स्थान पर दुर्घटना का शिकार न हो।
पार्षद ने बताया कि दो दिनों के भीतर चैंबर का पूरा काम कराया जाएगा। फिलहाल गड्ढे को भरकर और बैरिकेडिंग कर तत्काल खतरे को कम करने का प्रयास किया गया है।
सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं
जाजमऊ की यह घटना एक बार फिर शहरों में चल रहे सीवर, सड़क और निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करती है। सड़क पर किसी भी तरह की खुदाई या मरम्मत के बाद उसे खुला छोड़ना राहगीरों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
खासकर रात के समय बाइक सवार, डिलीवरी कर्मचारी, ऑटो चालक और पैदल राहगीर ऐसे स्थानों पर अधिक जोखिम में रहते हैं। इस घटना में हेलमेट पहने होने और समय पर स्थानीय लोगों के पहुंचने से युवक की जान बच गई, लेकिन सवाल यह है कि अगर गड्ढे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से मौजूद होती तो क्या हादसा टाला जा सकता था?
फिलहाल गड्ढा भर दिया गया है और बैरिकेडिंग भी कराई गई है। अब निगाह इस बात पर है कि चैंबर का बाकी काम तय समय में पूरा होता है या नहीं और भविष्य में ऐसे खुले गड्ढों को लेकर जिम्मेदार विभाग कितनी सतर्कता बरतते हैं। जाजमऊ का यह हादसा भले ही बड़ा नुकसान होने से बच गया, लेकिन सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर चेतावनी जरूर छोड़ गया है।
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