लखनऊ में अमर उजाला के BUILD कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश की आर्थिक प्रगति, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने का दावा, निवेशकों के लिए सुरक्षित माहौल पर जोर और विकास के पांच सूत्रों के जरिए प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प। लखनऊ के गोमती नगर स्थित ताज महल होटल में आयोजित अमर उजाला के ‘BUILD कॉन्क्लेव’ में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उनके मुताबिक, भरोसा, उद्यम, इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल से ग्लोबल और सबका विकास जैसे पांच आधार देश और प्रदेश की विकास यात्रा को दिशा दे रहे हैं।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बदलते आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि विकास केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए मजबूत बुनियादी ढांचा, उद्योगों को आगे बढ़ाने के अवसर, निवेशकों का विश्वास और कानून-व्यवस्था का बेहतर माहौल जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजन प्रदेश की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

क्या है BUILD का विकास मंत्र?
अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्य ने ‘BUILD’ को विकास के पांच प्रमुख स्तंभों से जोड़कर समझाया। उन्होंने भरोसा, उद्यम, इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल से ग्लोबल और सबका विकास को देश तथा प्रदेश की प्रगति का मूल आधार बताया। उनका कहना था कि इन्हीं पांच स्तंभों पर आगे बढ़कर आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है और प्रदेश को नई पहचान दिलाई जा सकती है।
उप मुख्यमंत्री के मुताबिक, निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भरोसे का माहौल बनाना जरूरी है। जब उद्यमियों को काम करने के अवसर मिलते हैं और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, तब रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। इसी तरह, स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना विकास की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार से स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने के अवसर बढ़ रहे हैं। इसका व्यापक उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक क्षमता को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों तथा उद्यमशीलता को बड़े बाजारों से जोड़ना है।
निवेश के लिए सुरक्षा को बताया पहली शर्त
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य में विकास की पहली और सबसे बड़ी शर्त सुरक्षा का माहौल है। उनके अनुसार, निवेशक उसी स्थान पर निवेश करना पसंद करते हैं, जहां उन्हें अपने कारोबार, कर्मचारियों और संपत्तियों की सुरक्षा का भरोसा हो।

केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब अपराधमुक्त और भयमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के कारण अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और अपराधी या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़कर बाहर जा चुके हैं।
उन्होंने कानून का राज स्थापित होने को निवेश आकर्षित करने से जोड़ते हुए कहा कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश निवेशकों की पसंद बन रहा है। सरकार की ओर से प्रस्तुत इस तस्वीर में कानून-व्यवस्था को केवल पुलिस और प्रशासन से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
हालांकि, अपराध और सुरक्षा की स्थिति का वास्तविक आकलन करने के लिए आधिकारिक अपराध आंकड़ों, निवेश के वास्तविक आंकड़ों और उनके क्रियान्वयन की स्थिति को भी देखना महत्वपूर्ण होगा। कॉन्क्लेव में उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश की पहचान कमजोर हुई थी और प्रदेश तुष्टीकरण, भाई-भतीजावाद, खुली लूट तथा माफियाराज जैसी समस्याओं से जुड़कर रह गया था।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अराजकता और भ्रष्टाचार के उस दौर ने उत्तर प्रदेश के विकास को वर्षों पीछे धकेल दिया। उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल को सुशासन और सुरक्षा के नए दौर के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में काम किया गया है।

यह बयान प्रदेश की मौजूदा सरकार और पूर्ववर्ती सरकारों के बीच नीतियों तथा शासन के तौर-तरीकों को लेकर जारी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। जहां उप मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल की आलोचना की, वहीं उन्होंने वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं में सुरक्षा, निवेश और विकास को प्रमुख बताया।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
केशव प्रसाद मौर्य ने ‘BUILD कॉन्क्लेव’ के आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी और धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे मंच उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेंगे।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए उद्योगों का विस्तार, निवेश में वृद्धि, रोजगार के अवसर, मजबूत परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाएं तथा स्थानीय उत्पादों की बाजार तक पहुंच महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कॉन्क्लेव में रखे गए विकास के पांच सूत्र भी इन्हीं व्यापक आर्थिक प्राथमिकताओं से जुड़े नजर आए।
हालांकि, लक्ष्य तक पहुंचने के लिए घोषणाओं के साथ-साथ निवेश प्रस्तावों के वास्तविक परियोजनाओं में बदलने, उद्योगों के विस्तार, रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि के ठोस परिणामों पर लगातार नजर रखना भी जरूरी होगा।
विकास के दावों के बीच आगे की चुनौती
लखनऊ में आयोजित BUILD कॉन्क्लेव में उप मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा—आर्थिक प्रगति के लिए भरोसा, उद्यम, बुनियादी ढांचा, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार और सबका विकास आवश्यक हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देश की आर्थिक प्रगति का आधार बताते हुए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और निवेश के माहौल को भी रेखांकित किया।
अब इन प्राथमिकताओं को जमीन पर कितनी तेजी से परिणामों में बदला जाता है, यह प्रदेश की आर्थिक यात्रा के लिए महत्वपूर्ण होगा। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बुनियादी ढांचे का विस्तार, उद्योगों को प्रोत्साहन और निवेशकों के विश्वास को बनाए रखना प्रमुख कसौटियां रहेंगी।
BUILD कॉन्क्लेव में केशव प्रसाद मौर्य ने इन्हीं लक्ष्यों को लेकर सरकार का दृष्टिकोण सामने रखा और उम्मीद जताई कि ऐसे संवाद मंच उत्तर प्रदेश के विकास संकल्प को नई गति देंगे।
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