चित्रकूट दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹951 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने जल्द ही चित्रकूट को दिल्ली और लखनऊ से सीधी हवाई सेवा से जोड़ने का ऐलान किया। डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात, आध्यात्मिक पर्यटन, शिक्षा और रोजगार को लेकर सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी कई राजनीतिक आरोप लगाए।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से विकास की नई तस्वीर सामने आने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के दौरे के दौरान ₹951 करोड़ की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द नए विमान उपलब्ध होने के बाद चित्रकूट को सीधे दिल्ली और लखनऊ से हवाई सेवा के जरिए जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे बुंदेलखंड के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन, निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले चित्रकूट पहचान के संकट, भय और अव्यवस्था का सामना कर रहा था, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज यह क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र की जीवनरेखा बन चुका है और भरतकूप से आगे का निर्माण कार्य भी तेज गति से चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट को भारत की पौराणिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का बड़ा हिस्सा इसी पावन भूमि पर बिताया था। यही कारण है कि सरकार चित्रकूट को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं बल्कि आधुनिक विकास के मॉडल के रूप में भी विकसित कर रही है।
उन्होंने कहा कि चित्रकूट में देश का पहला पहाड़ी चोटी पर निर्मित आधुनिक एयरपोर्ट तैयार हो चुका है। आने वाले समय में नियमित हवाई सेवाएं शुरू होने से देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में रक्षा उत्पादन से जुड़ी बड़ी औद्योगिक इकाइयों का निवेश होने जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इंडोनेशिया के साथ हुए समझौते के बाद उत्तर प्रदेश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्यात किया जाएगा, जो भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चित्रकूट शस्त्र और शास्त्र दोनों के अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। साथ ही चित्रकूट इंटर कॉलेज के 7,000 से अधिक छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि यही युवा विकसित चित्रकूट और विकसित भारत-2047 की मजबूत नींव बनेंगे।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने आध्यात्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको-टूरिज्म पर भी सरकार के फोकस की चर्चा की। उन्होंने बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व को इको-टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि के लालापुर आश्रम, संत तुलसीदास की जन्मभूमि राजापुर, मंदाकिनी तट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण पर भी सरकार लगातार निवेश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। गरीबों को मुफ्त राशन, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया जा रहा है।

अपने संबोधन के राजनीतिक हिस्से में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने चित्रकूट की उपेक्षा की और विकास के बजाय क्षेत्र को भय तथा डकैती की पहचान दी। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2022 में यहां भाजपा विधायक और 2024 में भाजपा सांसद चुने गए होते तो विकास की गति और तेज होती।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भगवान श्रीराम तथा भगवान श्रीकृष्ण की आस्था का सम्मान नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि जो दल पहले राम और कृष्ण को काल्पनिक बताते थे, वही आज राजनीतिक स्वार्थ के लिए अयोध्या और चित्रकूट के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने रामसेतु विवाद का भी उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

अयोध्या मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी जांच में लगभग 150 लोगों में से केवल 8 लोगों की भूमिका सामने आई, जिनमें 6 चोरी और 2 साजिश में शामिल पाए गए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, लेकिन पूरे मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचाने का कोई औचित्य नहीं है।
कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर, डॉ. बाबू लाल तिवारी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद आर.के. सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटारिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन इस विश्वास के साथ किया कि चित्रकूट आने वाले वर्षों में आध्यात्मिक आस्था, आधुनिक अधोसंरचना, शिक्षा, रक्षा उत्पादन, पर्यटन और निवेश का ऐसा केंद्र बनेगा, जो पूरे बुंदेलखंड के विकास को नई दिशा देगा।
COMMENTS