उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत कर दी है। योजना के तहत लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। मऊ में आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के लिए एक बड़ी राहत देने वाला कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना अब शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगी। इस योजना के तहत पात्र शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा।
इसी क्रम में मऊ जनपद के प्रधान समिति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद शिक्षकों, शिक्षामित्रों और शिक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि शिक्षकों के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच और जिम्मेदारी का प्रतीक है।

मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का चरित्र, संस्कार और भविष्य भी तैयार करते हैं। ऐसे में यदि शिक्षक स्वयं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से घिरे रहेंगे तो शिक्षा व्यवस्था पर भी उसका असर पड़ेगा। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया गया है। योजना के लागू होने के बाद अब पात्र शिक्षकों और उनके परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं।
इनमें बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाएं, वार्डन, रसोइये तथा अन्य पात्र शिक्षा कर्मी शामिल हैं।

इन सभी के आश्रित परिवार के सदस्य भी योजना के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना नहीं है, बल्कि शिक्षकों और उनके परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है। जब शिक्षक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त होंगे, तब वे पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान दे सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक प्रमोद सिंह, शिक्षामित्र हरी लाल यादव, शिक्षामित्र बीना सिंह तथा अनुदेशक अरुण सिंह को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इन लाभार्थियों ने सरकार की इस पहल को शिक्षकों के लिए बेहद उपयोगी और समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने भी योजना का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
प्रदेश सरकार का मानना है कि स्वस्थ शिक्षक ही मजबूत शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान हैं। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को केवल शैक्षणिक नहीं बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आने वाले समय में यह योजना लाखों शिक्षक परिवारों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।
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