उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और शादी अनुदान जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचाने के निर्देश दिए गए। गाजियाबाद के तीन लाभार्थियों को बैठक के बाद अनुदान प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी निगरानी और तेज कर दी है। इसी क्रम में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने दोनों विभागों की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की।
वर्चुअल माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई और इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन लोगों तक बिना अनावश्यक देरी के पहुंचे, जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, आईएएस, निदेशक उमेश प्रताप सिंह, आईएएस, सभी मंडलीय उपनिदेशक और सभी जिलों के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभागीय योजनाओं को अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा माना जाएगा, जब पात्र व्यक्ति को निर्धारित समय सीमा में उसका लाभ मिल सके। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को योजनाओं की निगरानी और पात्र लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विशेष रूप से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए, ताकि आर्थिक कारणों से किसी पात्र छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।
समीक्षा बैठक में शादी अनुदान योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में तेजी लाने और चयनित लाभार्थियों को जल्द से जल्द योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक की खास बात यह रही कि इस दौरान शादी अनुदान योजना के नए लाभार्थियों को भी सभी जिलों से वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया था। इससे विभागीय योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ लाभार्थियों से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिला।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नए पात्र लाभार्थियों के चयन और उन्हें योजना का लाभ देने में अनावश्यक देरी न हो।
गाजियाबाद के तीन लाभार्थियों को मिला प्रमाणपत्र
समीक्षा बैठक में गाजियाबाद जनपद से भी शादी अनुदान योजना के कुल तीन लाभार्थी जुड़े हुए थे।
बैठक समाप्त होने के बाद इन तीनों लाभार्थियों को अनुदान प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस दौरान विभागीय अधिकारियों की ओर से लाभार्थियों को योजना के तहत मिलने वाले लाभ से संबंधित जानकारी भी दी गई।
गाजियाबाद में लाभार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाने को विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।

बैठक में विभागीय अधिकारियों से कहा गया कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में केवल लक्ष्य पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि लाभ वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
इसके लिए लाभार्थियों के चयन, आवेदन प्रक्रिया, सत्यापन और लाभ वितरण के प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी रखने की जरूरत पर जोर दिया गया।
विशेष रूप से छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और शादी अनुदान जैसी योजनाएं सीधे विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी हैं। ऐसे में इन योजनाओं के भुगतान और लाभ वितरण में समयबद्धता को महत्वपूर्ण माना गया।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाओं पर भी हुई समीक्षा
वर्चुअल बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के साथ दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से संबंधित कार्यों और योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी पात्र दिव्यांगजनों तक पहुंचाई जाए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो।
बैठक में विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं की प्रभावी निगरानी पर भी जोर दिया गया।

इस समीक्षा बैठक में प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी एक साथ जुड़े। प्रमुख सचिव, निदेशक, मंडलीय उपनिदेशक और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों की मौजूदगी से विभागीय योजनाओं की स्थिति को लेकर सीधे संवाद का अवसर मिला।
राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप के निर्देशों के बाद अब जिला स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से लाभ उपलब्ध कराया जाए।
गाजियाबाद के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रशांत सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक के बाद गाजियाबाद के तीन लाभार्थियों को शादी अनुदान योजना के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
कुल मिलाकर समीक्षा बैठक में सरकार की योजनाओं को कागजों से निकालकर पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने पर खास जोर रहा। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति पाने वाले छात्रों से लेकर शादी अनुदान के लाभार्थियों और दिव्यांगजनों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
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