गाजीपुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि सपा के पापों का पर्दाफाश हो जाए तो उसके नेता कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। मुख्यमंत्री ने गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की 268 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को गाजीपुर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लगभग 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। अपने भाषण में उन्होंने गाजीपुर की ऐतिहासिक विरासत, माफिया राज, कानून-व्यवस्था, रोजगार, महापुरुषों के सम्मान और विकास परियोजनाओं सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत गाजीपुर की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले शहीद राम उग्र पांडे इसी धरती के सपूत थे। उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

उन्होंने प्रसिद्ध साहित्यकार कुबेरनाथ राय और उपन्यासकार गोपालराम गहमरी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी महान विभूतियों को जन्म देने वाला गाजीपुर एक समय पहचान के संकट से क्यों जूझने लगा था।
उन्होंने कहा कि पहले गाजीपुर का नाम सुनकर लोग घबराते थे और यहां आने से बचते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसके लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जिम्मेदार थीं।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में महाराजा सुहेलदेव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद के खिलाफ लड़ाई लड़कर देश की रक्षा की थी, लेकिन पिछली सरकारों ने उनके योगदान को उचित सम्मान नहीं दिया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सालार मसूद गाजी से जुड़े मेले को बंद करवाया और महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में स्मारक, प्रतिमा और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाया। उन्होंने यह भी कहा कि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज और आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण कराया गया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर महापुरुषों का अपमान करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और संत रविदास जैसे महान व्यक्तित्वों के नाम पर स्थापित संस्थानों के नाम बदल दिए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और अपराध आम बात हो गई थी। हालांकि अब हालात बदल चुके हैं और राज्य में कानून का शासन स्थापित हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि सरकार ने माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था और आज माफिया तंत्र कमजोर हो चुका है।
योगी आदित्यनाथ ने पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सत्ता के संरक्षण में माफियाओं ने उनके साथ-साथ सात अन्य लोगों की हत्या कर दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी भी अपराधी को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं, जिसके बाद उनकी सरकार ने कई फैसलों की समीक्षा की।
युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान नौकरियों में भ्रष्टाचार होता था। उन्होंने दावा किया कि अब भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हो गई है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार वर्गों वाले बयान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, किसान, महिलाएं और युवा ही सरकार की प्राथमिकता हैं।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाजीपुर में विकास की गति लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यहां और भी बड़ी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क और आधारभूत ढांचा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकास केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का माध्यम भी है।
गाजीपुर की धरती से दिए गए मुख्यमंत्री के इस भाषण को आगामी राजनीतिक रणनीति और विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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