लखनऊ के रेमेडी कैंसर केयर द्वारा 2000 से अधिक मरीजों के सफल उपचार पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने संस्थान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री सहायता कोष और ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए समय पर उपचार किसी नई जिंदगी से कम नहीं होता। जब चिकित्सा सेवा केवल पेशा न रहकर मानव सेवा का माध्यम बन जाए, तब समाज में उम्मीद की नई किरण दिखाई देती है। राजधानी लखनऊ में ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया, जहां रेमेडी कैंसर केयर ने आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री सहायता कोष के माध्यम से 2000 से अधिक कैंसर मरीजों का सफल उपचार कर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इसी उपलब्धि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने संस्थान के चिकित्सकों, चिकित्सा कर्मियों और पूरे स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि मरीज का जीवन बचाना केवल चिकित्सा नहीं बल्कि सबसे बड़ा मानवीय धर्म और पुण्य का कार्य है।
स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
विजय खंड, लखनऊ स्थित रेमेडी कैंसर केयर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को मजबूत कर रही है, जिनसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना ने देशभर के लाखों परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत प्रदान की है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्यमंत्री सहायता कोष भी ऐसे मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है, जिन्हें महंगे इलाज के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता होती है।
2000 से अधिक मरीजों का उपचार बना प्रेरणा
मंत्री ए.के. शर्मा ने विशेष रूप से रेमेडी कैंसर केयर की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री सहायता कोष के तहत 2000 से अधिक मरीजों का सफल उपचार कर समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक चिकित्सा उपलब्धि नहीं बल्कि हजारों परिवारों को नई उम्मीद देने वाला कार्य है। ऐसे संस्थान सरकार के जनकल्याणकारी प्रयासों को जमीन पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने चिकित्सकों की युवा टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में नई पीढ़ी की ऊर्जा और समर्पण भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे कैंसर जांच अभियान
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने चिकित्सकों से एक महत्वपूर्ण अपील भी की। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का समय पर पता चलना बेहद आवश्यक है। इसलिए शहरों तक सीमित रहने के बजाय चिकित्सकों को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रारंभिक अवस्था में बीमारी की पहचान हो जाए तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। सरकार ऐसे सभी जनहितकारी प्रयासों में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

नशामुक्त समाज बनाने की भावुक अपील
अपने संबोधन के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की शुरुआत स्वस्थ युवा पीढ़ी से होती है।
उन्होंने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने का आग्रह करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, खेल और राष्ट्र निर्माण में लगाएं तो देश की प्रगति और तेज होगी। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
सरकारी योजनाओं का बढ़ता दायरा
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गंभीर बीमारियों के इलाज का लाभ लगातार अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अब महंगे उपचार के लिए असहाय महसूस नहीं कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सहायता कोष भी ऐसे मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है, जिन्हें तत्काल आर्थिक सहयोग की आवश्यकता होती है। इन योजनाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक का इलाज केवल आर्थिक कारणों से प्रभावित न हो।
मानव सेवा को समर्पित चिकित्सा संस्थान
रेमेडी कैंसर केयर के निदेशक डॉ. साहब अली उस्मानी सहित संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी मरीजों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में डॉ. अर्चित कपूर, डॉ. अभिजीत कपूर, डॉ. आशुतोष पांडे सहित कई चिकित्सक, चिकित्सा कर्मी, मरीज और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और जनजागरूकता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई केवल आधुनिक चिकित्सा से नहीं बल्कि जागरूकता, समय पर जांच और सामूहिक प्रयासों से ही जीती जा सकती है।
रेमेडी कैंसर केयर जैसे संस्थानों की भूमिका इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां उपचार के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व दिया जा रहा है।
सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं, चिकित्सा संस्थानों का सहयोग और समाज की जागरूकता यदि इसी तरह साथ मिलकर काम करती रही, तो आने वाले वर्षों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई और अधिक प्रभावी हो सकती है।
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